धार जिले की सरदारपुर तहसील में मोहनखेड़ा-पारा मार्ग की सड़क बदहाल है। लगभग 30 किलोमीटर लंबी यह सिंगल लेन सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह गिट्टी उखड़ चुकी है और लगातार धूल उड़ती रहती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का
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सड़क की दोनों तरफ पटरी का ठीक से भराव न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग का इस्तेमाल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और स्थानीय लोग करते हैं। खास बात यह है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी और सिर्फ एक साल पहले ही लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई थी। बावजूद इसके विभाग ने अभी तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया है।
गड्ढे होने से हादसा का डर मोहनखेड़ा तीर्थ से झाबुआ सीमा तक जोड़ने वाले इस राजगढ़-पारा मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों से बचने के प्रयास में अक्सर वाहन चालक एक-दूसरे से टकराने से बाल-बाल बचते हैं। वहीं सड़क किनारे पानी भरे होने से दुपहिया वाहन फिसल जाते हैं, जिससे कई बार हादसे हो चुके हैं।
स्थानीय निवासी राकेश पंवार, रतनसिंह और तोलसिंह का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर सफर करना और भी खतरनाक हो जाता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और थोड़ी सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
