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कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9,751 करोड़ रहा था। कोल इंडिया ने आज यानी 27 अप्रैल को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर 5.75% की बढ़ोतरी है। चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹46,490 करोड़ रहा FY26 की चौथी तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹46,490 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY25 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹43,961 करोड़ रहा था। 5.25 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी कंपनी कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 5.25 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। कोल इंडिया का शेयर एक साल में 15% चढ़ा कोल इंडिया का शेयर आज 0.33% गिरकर ₹454.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर 15% चढ़ा है। बीते 6 महीने में शेयर 14.5% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.79 लाख करोड़ रुपए है। क्या होता है स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ: देश में अब न्यूजीलैंड की वाइन-कीवीफ्रूट जैसे सामान सस्ते होंगे; 5000 भारतीयों को वर्किंग वीजा मिलेगा भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। पूरी खबर पढ़ें…
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