बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई जिले के गिद्धौर गांव से दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह दोनों एक ही गांव गिद्धौर के निवासी हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक संयोग माना जा रहा है। दोनों विधायकों ने आज राजधानी पटना में मंत्री पद की शपथ ली है। बताया जा रहा है कि बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह संभवतः पहला अवसर है, जब एक ही गांव के दो प्रतिनिधि एक साथ राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। गिद्धौर, जो कभी राजतंत्र में सत्ता का केंद्र था, अब लोकतांत्रिक राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान दर्ज करा रहा है। गांव के लोगों में इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दामोदर रावत वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने दामोदर रावत झाझा विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2015 को छोड़कर वे लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। इससे पहले भी वर्ष 2007 और 2010 में वे नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव को कड़े मुकाबले में हराकर अपनी ताकत साबित की थी। यह उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक चुनी गई श्रेयसी सिंह वहीं, जमुई विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार मंत्री पद की शपथ लेंगी। वे वर्ष 2020 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं और 2025 के चुनाव में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं। उनके मंत्री बनने से महिला नेतृत्व को भी नई मजबूती मिलने की चर्चा है।
Source link
