रेंज के बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में पाकिस्तानी तस्करों की ओर से की जा रही ड्रोन ड्रोपिंग को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना बनेगी। इसके लिए ड्रोन ड्रोपिंग के पेटर्न का अध्ययन किया जाएगा। बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों की सीमा पाकिस्तान बॉर्डर से लगती है। पिछले तीन-चार सालों से पाक तस्कर यहां ड्रोन के जरिये हेरोइन और हथियार भेज रहे हैं। तस्करी का बड़ा नेटवर्क बन चुका है जिससे अरबों रुपयों की हेरोइन और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं। इसे देखते हुए अब ड्रोन ड्रोपिंग रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। पाकिस्तानी तस्करों की ओर से ड्रोपिंग के पेटर्न, जैसे समय, दिन, तस्करी, मौसम, स्थान, दिन, रात, बॉर्डर से दूरी आदि का गहनता से अध्ययन कर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके आधार पर विशेष कार्ययोजना बनेगी जिससे कि ड्रोन ड्रॉपिंग को रोका जा सके। इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में आने-जाने के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस संबंध में एडीजी सह निदेशक राजस्थान पुलिस अकादमी और बीकानेर रेंज के प्रभारी संजीब कुमार नार्जरी ने दिशा-निर्देश दिए हैं। बुधवार को उन्होंने बीकानेर रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के एसपी की मीटिंग ली और अपराध व कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बीकानेर रेंज में मुख्य रूप से गैंगस्टर और उनसे जुड़े लोगों पर कार्रवाई और धमकी के मामलों, सड़क दुर्घटनाओं में मौतें और नशे की तस्करी पर प्रमुखता से काम करने की आवश्यकता जताई। एडीजी ने कहा कि जिन लोगों को सुरक्षा के लिए पीएसओ उपलब्ध कराए गए हैं, उनका नए सिरे से रिव्यू किया जाए। मीटिंग में आईजी ओमप्रकाश, बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा, श्रीगंगानगर एसपी हरिशंकर, हनुमानगढ़ एसपी नरेन्द्रसिंह मीणा और चूरू एसपी निश्चय प्रसाद एम, सीओ सदर आईपीएस अनुष्ठा कालिया और एएसपी सौरभ तिवाड़ी मौजूद थे। रेंज प्रभारी एडीजी के निर्देश
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