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पूर्व CM को सुनाई ‘शायरी’: SP ऑफिस के बाहर बकरी वाली ‘नारेबाजी’; दिल के आकार में ‘ट्रैफिक लाइट’ – Rajasthan News

पूर्व CM को सुनाई ‘शायरी’:  SP ऑफिस के बाहर बकरी वाली ‘नारेबाजी’; दिल के आकार में ‘ट्रैफिक लाइट’ – Rajasthan News


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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे चूरू के रतनगढ़ पहुंचीं तो एक युवक ने उन्हें शायरी सुनाई। इस पर पूर्व मंत्री ने जमकर तालियां बजाईं। उदयपुर में AI वाली ट्रैफिक लाइट लग गई हैं। ये लाइट एंबुलेंस की आवाज को पहचानेंगी। जयपुर में दिल के आकार वाली रेड लाइट चर्चा का विषय है। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…

1. उदयपुर वाली AI ट्रैफिक लाइट, जयपुर में ‘दिल वाली’

झीलों की नगरी में ट्रैफिक लाइट स्मार्ट हो गई हैं। ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रैफिक लाइट सिस्टम को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) से जोड़ा गया है।

अगर किसी लेन में गाड़ियां ज्यादा होंगी तो AI तुरंत लाल बत्ती को हरी कर देगा। एंबुलेंस और फायरब्रिगेड के सायरन को भी ये सिस्टम पहचानेगा।

एंबुलेंस ट्रैफिक में फंसी होगी तो बत्ती हरी हो जाएगी। पूरा सिस्टम मोबाइल एप से कंट्रोल होगा। ट्रायल के रिजल्ट का रिव्यू होगा। सफल रहने पर इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा।

इधर राजधानी जयपुर में बत्तियां अलग ही मोड पर चल रही हैं। शहर के JLN मार्ग पर दिल के आकार की लाल बत्ती गाड़ी चलाने वालों को कुछ ‘याद’ दिलाती है।

शहर के झालाना इलाके की बत्ती पर कभी-कभार तीनों लाइट एक साथ जलकर चलने वालों को कन्फ्यूज करती हैं।

बत्तियों को कितना ही अपग्रेड कर लो। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को कौन रोक सकता है? बीते दिनों चौमूं में उन्होंने टोल का बैरियर उठाकर कई गाड़ियां पार कराईं। यह देख टोल वालों की बत्ती गुल हो गई थी।

जयपुर में हार्ट के आकार वाली ये लाल बत्ती जेएलएन मार्ग पर ओटीएस चौराहे पर लगी है।

2. पूर्व सीएम ने नारा कराया करेक्ट, सुनी शायरी

पूर्व सीएम साहिबा का जलवा कायम है। वे जहां जाती हैं, वहीं उनके चर्चे हो जाते हैं। विरोधी भी उनके लिए 26 मिनट इंतजार करते हैं।

बीकानेर से लौटते वक्त पूर्व सीएम चूरू के रतनगढ़ पहुंचीं। पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा ने उनका स्वागत किया।

रिणवा के साथ बीजेपी के कार्यकर्ता भी थे। कार्यकर्ताओं में उत्साह था। उत्साह में नारेबाजी हुई- हमारा सीएम कैसा हो, वसुंधरा राजे जैसा हो।

मैडम ने नारे को दुरुस्त कराया। कहा ‘जैसा’ नहीं ‘जैसी’ बोलो। नारेबाजी नए सिरे से फिर होने लगी- हमारी सीएम कैसी हो, वसुंधरा राजे जैसी हो।

इस बीच एक युवा कार्यकर्ता ने मौका पाकर शायरी छेड़ दी। कहा- हमें फिजूल समझकर न घर से बाहर करो..कि यही चिराग अंधरों में काम आते हैं…

शायरी सुनकर सबसे ज्यादा तालियां पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा ने बजाई।

चूरू के रतनगढ़ में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को शायरी सुनाता कार्यकर्ता। ताली बजाते पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा।

चूरू के रतनगढ़ में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को शायरी सुनाता कार्यकर्ता। ताली बजाते पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा।

3. बकरियां लेकर SP ऑफिस पहुंचे ग्रामीण

पुलिस पर आरोप लगते रहते हैं। आरोप जनता पर झूठे मुकदमे दर्ज करने के हैं। यह भी सामान्य बात है। मुकदमे दर्ज कर धनराशि लेकर मुकदमे हटते भी रहे हैं। आम है।

लेकिन श्रीगंगानगर में घरेलू विवाद में पुलिस ने गरीब परिवार से 4 बार रिश्वत ली। बार-बार पुलिसवाले दरवाजे पर आकर खड़े हुए तो गरीब परिवार ने बकरियां बेच दीं।

बात फैल गई। बात सामान्य नहीं रही। आम भी नहीं रही। करेला बन गई। जिसने सुना उससे निगली नहीं गई। पुलिस के खिलाफ माहौल बन गया।

लोग भीड़ की शक्ल में एसपी अमृता दुहन से शिकायत करने पहुंच गए। काली बकरियों का जोड़ा भी प्रदर्शन में शामिल किया गया। नारे लगे- बकरी लो पैसे दो।

ये नारे सुनकर वहां कई लोगों को जीजा-साली पर फिल्माया मशहूर गाना याद आ गया। इस बीच कई नारे लगाते-लगाते मिमियाने लगे।

श्रीगंगानगर में एसपी ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन में बकरियां भी लाई गईं। नारे लगे- बकरी लो पैसे दो।

श्रीगंगानगर में एसपी ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन में बकरियां भी लाई गईं। नारे लगे- बकरी लो पैसे दो।

4. चलते-चलते..

महापुरुष जिस पथ पर चलते हैं वह रास्ता राजमार्ग बन जाता है। युवा पीढ़ी को बार-बार विविध मंच से बताया जाता है कि फलां महापुरुष के पदचिह्न पर चलना चाहिए। फलां महापुरुष के बताए रास्ते से हटना नहीं चाहिए।

युवा पीढ़ी भी देखती है कि अमुक रास्ते पर चलकर कोई पुरुष ‘महापुरुष’ बन गया है। महापुरुष बनने की सारी रेसिपी सोशल मीडिया पर सहज ही उपलब्ध हो भी जाती है।

टोंक के एक नेताजी युवाओं के आदर्श बने हुए हैं। अफसर को चांटा मारकर उन्होंने युवा पीढ़ी को आंदोलित किया। उनके पीछे हुजूम चलने लगा। उनकी ताकत बढ़ने लगी।

चांटे को शक्ति का पर्याय मान लिया गया। उसी जिले में एक पटवारी ने दूसरे पटवारी को बाएं गाल पर कस-कसकर 2 चांटे मार दिए। तहसीलदार के कमरे में मारे।

पटवारी महोदय ने आंदोलन किया। धरना दिया। शिकायतें की। चूंकी मुकाबला बराबरी का था। इसलिए चांटाकांड से न विरोध पैदा हो सका, न सहानुभूति और न कोई महापुरुष।

टोंक के देवली में पटवारी को साथी पटवारी ने दो थप्पड़ लगाए। हाथ पर भी चोट लगी। पटवारी की ओर से शिकायत की गई है।

टोंक के देवली में पटवारी को साथी पटवारी ने दो थप्पड़ लगाए। हाथ पर भी चोट लगी। पटवारी की ओर से शिकायत की गई है।

वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी…



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