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श्रम-विभाग अफसरों ने व्यापारियों से पैसे वसूले…VIDEO: महिला-उत्पीड़न समिति जांच के नाम पर लिए पैसे;अधिकारी बोले-स्वेच्छा से पैसे दिए तो हम क्या कर सकते हैं – Chhattisgarh News

श्रम-विभाग अफसरों ने व्यापारियों से पैसे वसूले…VIDEO:  महिला-उत्पीड़न समिति जांच के नाम पर लिए पैसे;अधिकारी बोले-स्वेच्छा से पैसे दिए तो हम क्या कर सकते हैं – Chhattisgarh News


बलौदाबाजार में श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए व्यापारी लिफाफे में पैसे डालते दिखे।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में दीपावली के दौरान श्रम विभाग के कुछ अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न जांच समिति बनाने के नाम पर व्यापारियों से पैसे वसूलने का आरोप लगा है। यह कथित लेनदेन सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। मामला सिटी कोतवाली का क्षेत्र का है।

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व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों ने 5 से 10 हजार रुपए तक की वसूली की है। इस मामले में चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। इधर, श्रम अधिकारी का कहना है कि स्वेच्छा से पैसे दिए तो हम क्या कर सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, श्रम विभाग की टीम का नेतृत्व लेबर इंस्पेक्टर रामचरण कौशिक कर रहे थे। दीपावली के सप्ताहभर पहले शहर के अलग-अलग बाजारों में पहुंची। टीम ने दुकानों में महिला सुरक्षा समिति के गठन के नाम पर जांच शुरू की।

देखिए पहले ये तस्वीरें…

श्रम विभाग के अधिकारी दुकान के बाहर व्यापारी से बातचीत करते दिखे।

अधिकारी दुकान में एंट्री करते सीसीटीवी में नजर आए।

अधिकारी दुकान में एंट्री करते सीसीटीवी में नजर आए।

सोफे पर बैठ श्रम विभाग के अधिकारी हैं।

सोफे पर बैठ श्रम विभाग के अधिकारी हैं।

कागजात में कमी और कार्रवाई का डर दिखाया

व्यापारियों का कहना है कि खरीदारी की भीड़ के बीच अचानक पहुंची टीम ने कागजात में कमी बताकर कार्रवाई का डर दिखाया और 5 से 10 हजार रुपए वसूल लिए। गुड़िया रेडीमेड के कपड़ा व्यापारी संदीप हबलानी ने बताया कि दुकान पर भीड़ के दौरान अधिकारी आए।

कार्रवाई की धमकी देकर मांग 10 हजार

उन्होंने बताया कि समिति न बनाने पर कार्रवाई की धमकी दी और 10 हजार रुपए मांगे। जिसके बाद उन्होंने 5 हजार रुपए देकर पीछा छुड़ाया। लेकिन किसी तरह की रसीद नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि शहर के पटाखा बाजार में भी ऐसी ही घटना सामने आई।

पटाखों की दुकान पर पहुंची टीम

चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल भट्टर ने बताया कि उनकी पटाखों की दुकान पर पहुंची टीम के अधिकारियों ने उनके बेटे से कॉल पर बात करते हुए बच्चों के लिए पटाखे मांगे। भट्टर ने कहा कि यह केवल उनकी दुकान की नहीं, बल्कि आधे बाजार की कहानी है।

दिवाली गिफ्ट के रूप में दिए- लेबर इंस्पेक्टर

इस मामले में लेबर इंस्पेक्टर रामचरण कौशिक ने कहा कि महिला आयोग से निर्देश आया था कि महिला कर्मचारियों वाली संस्थाओं में 6 सदस्यीय समिति बनाई जाए। उसी के लिए दुकानों में गए थे। व्यापारियों से 5-10 हजार रुपए लेने के सवाल पर कहा कि वो दुकानदारों ने स्वेच्छा से हैं।

श्रम अधिकारी बोले- स्वेच्छा से पैसे दिए तो हम क्या कर सकते हैं?

इधर श्रम अधिकारी सुरेश कुमार का भी कहना है कि अगर किसी ने स्वेच्छा से पैसे दिए हैं, तो हम क्या करें? आयोग ने सर्वे का आदेश दिया था, टीम उसी के तहत गई थी। अगर किसी को शिकायत है तो वह कार्यालय आकर लिखित में दे सकता है।

कलेक्टर से करेंगे शिकायत- चेंबर

लगातार शिकायतें मिलने के बाद चेंबर ऑफ कॉमर्स अब इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। अध्यक्ष जुगल भट्टर ने बताया कि व्यापारियों की शिकायतें एकत्र की जा रही हैं और जल्द ही प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात करेगा।

वरिष्ठ व्यापारी बद्री केसरवानी ने कहा कि दीपावली से पहले की भीड़ ही पूरे साल की कमाई तय करती है। ऐसे में सरकारी अफसरों की यह तथाकथित जांच मुहिम उनके लिए बड़ा झटका साबित हुई। बता दें कि महिला आयोग का आदेश है कि जिन संस्थानों में महिला कर्मचारी काम करते है, वहां उनकी सुरक्षा के लिए एक समिति बनाई जाए।



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