साहिब सिंह की मां और साहिब सिंह।
पंजाब के दसूहा के रहने वाले साहिब सिंह की अमेरिका पहुंचने से पहले ग्वाटेमाल में डौंकरों ने हत्या कर दी। पिता सुच्चा ने बताया कि बेटे साहिब सिंह को अक्तूबर 2024 में हरियाणा के करनाल के एजेंट के जरिए भेजा था। 2 से 3 महीने तक एजेंट बेटे से बात करवाता रह
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जानकारी देते साहिब सिंह के जीजा गुरदीप सिंह।
साहिब सिंह को 2024 में भेजा था अमेरिका जीजा गुरदीप सिंह ने बताया कि अक्तूबर 2024 में साहिब सिंह को अमेरिका भेजा। 2-4 महीने ठीक चला। इसके बाद डौंकरों ने उसे किडनैप कर लिया। 20 हजार डॉलर फिरौती मांग जा रही थी जबकि एजेंट को 50 लाख रुपए दिए गए थे। उन्होंने हमें घर पर लाश के फोटो भेजे।
एजेंट 1 महीना बहाना बनाते रहे एजेंट उनसे 50 लाख रुपए वसूल चुका है। उसने कहा था कि फ्लाइट से लेकर जाएंगे। इसके बाद वे डौंकी लगाकर ले गए। 40 लाख रुपए देने की बात हुई थी लेकिन उसने धीरे-धीरे कर 50 लाख ले लिए। हमें नहीं पता एजेंट ने डौंकरों को पैसा दिया या नहीं। एजेंटे शुरू में बात करवाता रहा। एक महीने बहाने बनाकर पैसा लेता रहा। इसके बाद डौंकरों ने उसे किनडैप कर मार डाला।
शिकायत पर पुलिस ने एजेंट को पकड़ा, कार्रवाई नहीं की गुरदीप सिंह ने कहा कि हमने होशियारपुर पुलिस में शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। एजेंट को पकड़ा जरूर गया है, लेकिन पैसा वापस नहीं मिल पाया है। परिवार की मांग है कि एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ कत्ल का पर्चा दर्ज होना चाहिए।

साहिब सिंह के पिता ने एजेंट की पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इकलौता बेटा था साहिब सिंह पिता सुच्चा सिंह ने बताया हम दसूहा के गांव मोरियां के रहने वाले हैं। मैं खेतीबाड़ी करता हूं। बेटे की उम्र 21 साल थी। दो बेटियां हैं। पहली बार बेटे को विदेश भेजा था। एजेंट ने केवल जहाज की टिकट ही दिखाए थे। बेटे से अंतिम बार ग्वाटेमाला पहुंचने पर बात हुई थी। इसके बाद बेटे से बात नहीं हो पाई।
हमें किसी भी देश की सरकार से कोई मदद नहीं मिली सुच्चा सिंह ने बताया कि बेटे की डेडबॉडी लाने के लिए किसी भी देश की सरकार ने कोई मदद नहीं की। अभी तक हम अपने बेटे के अंतिम दर्शन नहीं कर पाए हैं। एजेंट करनाल का रहने वाले हैं। हमारी मांग है कि एजेंट की पत्नी को अरेस्ट किया जाए। वही सब बता सकती है। उस महिला ने ही सबको फंसाया है।
