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पति की मौत, पेंशन पत्नी, GPF और ग्रेच्युटी मां को: चंडीगढ़ कोर्ट बोला- नॉमिनी को मिलेगा वही लाभ, जो सेवा नियमों में तय हैं – Chandigarh News

पति की मौत, पेंशन पत्नी, GPF और ग्रेच्युटी मां को:  चंडीगढ़ कोर्ट बोला- नॉमिनी को मिलेगा वही लाभ, जो सेवा नियमों में तय हैं – Chandigarh News


चंडीगढ़ कोर्ट ने इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत रहे दिवंगत अधिकारी धर्मपाल की मृत्यु के बाद उनके सेवा लाभों को लेकर चल रहे विवाद पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि धर्मपाल की फैमिली पेंशन और लीव एनकैशमेंट उनकी पत्नी सुदेश कुमारी को मिलेगी।

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जबकि GPF, ग्रेच्युटी और केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना की राशि उनकी मां सत्यादेवी को दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि धर्मपाल ने अपने जीवनकाल में इन लाभों के लिए मां को नॉमिनी घोषित किया था, इसलिए सर्विस रूल्स के अनुसार यही व्यवस्था लागू रहेगी।

जानिए… दायर याचिका में क्या कहा

सुदेश कुमारी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा कि उनके पति धर्मपाल लुधियाना में इनकम टैक्स विभाग में इनकम टैक्स ऑफिसर (ITO) के पद पर कार्यरत थे। उनका 26 दिसंबर 2018 को निधन हो गया था। निधन के बाद विभाग ने सेवा लाभों का बंटवारा इस प्रकार किया कि फैमिली पेंशन और लीव एनकैशमेंट पत्नी सुदेश कुमारी को दी गई, जबकि GPF, CGEGIS और ग्रेच्युटी राशि उनकी मां सत्यादेवी के नाम पर जारी कर दी गई।

पत्नी सुदेश कुमारी का तर्क था कि नॉमिनी को केवल रकम प्राप्त करने का अधिकार होता है, न कि स्वामित्व का। उन्होंने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत सभी सेवा लाभों पर उनका अधिकार बनता है, क्योंकि वे धर्मपाल की वैध पत्नी हैं।

मां ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष

सत्यादेवी ने कहा कि धर्मपाल ने अपने जीवनकाल में ही उन्हें सभी सेवा लाभों की नॉमिनी घोषित किया था। उन्होंने बताया कि विभाग ने पहले ही ₹34,33,730/- की GPF राशि उन्हें 1 जुलाई 2019 को जारी कर दी थी। उनका कहना था कि सेवा लाभ सर्विस रूल्स के आधार पर तय होते हैं, न कि उत्तराधिकार कानूनों से।

इनकम टैक्स अधिकारी की मौत के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला।

इनकम टैक्स विभाग का स्पष्टीकरण

इनकम टैक्स विभाग ने अदालत में अपना जवाब दाखिल करते हुए स्पष्ट किया कि विभाग ने सभी भुगतान नियमों के अनुसार ही किए हैं। विभाग ने कहा कि फैमिली पेंशन और लीव एनकैशमेंट की राशि धर्मपाल की पत्नी सुदेश कुमारी को दी गई, जबकि GPF, ग्रेच्युटी और CGEGIS की राशि धर्मपाल की मां सत्यादेवी को दी गई, क्योंकि वे इन लाभों की नामांकित वारिस (नॉमिनी) थीं। विभाग ने यह भी बताया कि सुदेश कुमारी को पेंशन और लीव एनकैशमेंट पहले ही जारी कर दिए गए हैं।

अदालत का अवलोकन

कोर्ट ने कहा कि धर्मपाल की मृत्यु के बाद उनके दो ही वैध उत्तराधिकारी हैं — पत्नी सुदेश कुमारी और मां सत्यादेवी। अदालत ने माना कि सुदेश कुमारी को पहले ही उनके हिस्से के लाभ मिल चुके हैं। वहीं, GPF, ग्रेच्युटी और CGEGIS की राशि मां सत्यादेवी को देना कानूनन सही है, क्योंकि वे नॉमिनी हैं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुदेश कुमारी का सौतेला बेटा पुनित जॉय, जो न्यूजीलैंड में रहता है, क्लास-1 लीगल हीर की श्रेणी में नहीं आता।

अदालत ने अपने आदेश में कहा —

केस में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने कहा — याचिका आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है। सुदेश कुमारी को केवल उन्हीं सेवा लाभों पर उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो सर्विस रूल्स के तहत उन्हें मिल सकते हैं — जैसे पेंशन, लीव एनकैशमेंट, मेडिकल बिल आदि। वहीं, GPF, CGEGIS और ग्रेच्युटी की राशि धर्मपाल की मां सत्यादेवी को दी जाएगी।



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