विधानसभा चुनाव के बीच मोतिहारी के गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र की पिपरा पंचायत स्थित दलित बस्ती के निवासियों ने सड़क नहीं बनने से नाराज होकर मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से सरकारें बदलती रहीं और नेता आते-जाते रहे, ल
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आज भी यहां नाले का गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
दलित बस्ती में 450 लोग रहते है
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दलित बस्ती में 450 से अधिक लोग रहते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब कीचड़ और पानी से भरी सड़क के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाना भी चुनौतीपूर्ण होता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार पंचायत, प्रखंड और अनुमंडल कार्यालयों में अपनी समस्या रखी, लेकिन आज तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सड़क नहीं बनेगी तो मतदान से दूर रहेंगे ग्रामीण
ग्रामीण बीरेंद्र राम, गुड्डू कुमार, पासवान, अभिषेक कुमार, अमित कुमार राम और नंदकिशोर राम ने कहा कि जब कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है, तो वोट देने का कोई मतलब नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा, “सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन हमारी तकदीर नहीं बदलती। अब हम वोट नहीं देंगे। सड़क नहीं बनेगी तो हम मतदान से दूर रहेंगे।”
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एक बार इस बस्ती के पास से गुजर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इस इलाके का विकास नहीं हो सका। नाले का पानी सड़क पर बहता रहता है और बदबू के कारण बस्ती में रहना मुश्किल हो जाता है।
चुनाव के बाद कोई काम नहीं होता
लोगों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही उन्हें याद करते हैं, और उसके बाद कोई काम नहीं होता। इसलिए अब वोट देना बेकार है। उन्होंने एक सुर में कहा, “सड़क नहीं, तो वोट नहीं।” स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के खिलाफ लोगों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सड़क की मरम्मत और नाला निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, वे मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।
