मोहाली के फेस 7 में घर के बाहर फायरिंग करते युवक।
पंजाब के मोहाली में इरिगेशन विभाग के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। बाइक पर आए दो हमलावरों ने एक मिनट में 35 गोलियां चलाई। घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाकर उनके शीशे तोड़ दिए गए।
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यहीं नहीं ग्रिलों में भी गोलियों के निशान हैं। घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। हमलावर घर के बाहर पर्चियां फेंककर भी गए हैं, जिन पर गैंगस्टर काला राण लिखा है।
परिवार ने पुलिस सिक्योरिटी देने की मांग की है। मामला गुरुवार (6 नवंबर) की देर रात को मोहाली के फेज 7 में सामने आया।
फायरिंग के बाद बाइक पर भागते दोनों हमलावर।
अब पढ़िए पूर्व सुपरिंटेंडेंट की 7 अहम बातें पढ़ें…
- हमने सोचा पटाखे चल रहे हैं, गालियां दीं: पंजाब इरिगेशन विभाग से रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट मनिंदर सिंह के बताया कि रात 12 बजकर 24 मिनट पर जोरदार आवाज सुनी। हमने सोचा कि पटाखे चल रहे। हमने मन में गालियां दीं कि पटाखे कौन चला रहा है।
- पहली मंजिल से देखा तो बाहर लोग इकट्ठे हुए थे: मनिंदर ने कहा कि मेरा छोटा बेटा अमनजोत सिंह पहली मंजिल पर सोया हुआ था। उसने सुना कि शीशे पर कुछ लगा और वह टूट गया। बेटे के बुलाने पर हम ऊपर गए तो देखा कि बाहर लोग इकट्ठा हुए थे।

घर के बाहर खड़ी गाड़ी पर गोलियों के निशान।
- गोलियों के खोल मिले, CCTV में 2 लोग दिखे: रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि हमने देखा कि गोलियों के खोल बहुत ज्यादा बिखरे हुए थे। सीसीटीवी फुटेज देखे, जिसमें 2 लोग दिखाई दिए। एक बंदे ने भगवा रंग का पजामा कमीज डाला हुआ था।
- एक मिनट में 35 राउंड फायरिंग की: उन्होंने कहा कि दूसरे के हाथ में पिस्टल था। कुछ दूरी पर जाकर वह वापस आए और फिर फायरिंग शुरू कर दी। बाद में आसपास खड़ी गाडियों को नुकसान पहुंचाया है। मेरे ख्याल में एक मिनट में 35 राउंड फायरिंग की थी।
- किसी से रंजिश नहीं, फिरौती की कॉल भी नहीं आई: मनिंदर ने कहा कि मेरी उम्र 62 की हो गई है। मेरी किसी से कोई रंजिश नहीं है। कभी मुझे फिरौती की कॉल नहीं आई हैं और न ही मेरे बेटे की ही किसी से रंजिश है।

रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट मनिंदर सिंह ने कहा हमे सिक्योरिटी दी जाए।
- हमलावरों ने पर्चियां फेंकी, काला राणा लिखा: मनिंदर ने कहा कि हमलावर यहां पर्चियां फेंककर गए हैं, जिस पर अंग्रेजी में काला राणा लिखा हुआ था। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। आखिरी मंजिल पर किराएदार रहते हैं, उनका नाम गौरव है। वह रात को ही यहां से गए हैं। उनके ससुराल पटियाला में है, उन्होंने भी थ्रेट काल से इनकार किया है।
- हमें सिक्योरिटी दी जाए, बच्चे स्कूल नहीं गए: रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि हमने प्रशासन से मांग की है कि या तो हमें सिक्योरिटी दी जाए या जो भी गैंगस्टर हैं, उन्हें पकड़ा जाए। हमारा पूरा परिवार दहशत में हैं और बच्चे डरे हुए हैं, वह स्कूल भी नहीं गए हैं।

घर के बाहर से बरामद खाली खोल, जिन्हें लिफाफे में भरा गया।
कौन है गैंगस्टर काला राणा…
2013 में लूट का पहला मामला दर्ज हरियाणा के यमुनानगर की कॉलोनी लक्ष्मी गार्डन में जन्मा वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा की 2012 से पहले तक पहचान शक्ल-सूरत से हैंडसम और पूरी तरह स्टाइलिस्ट नौजवान के रूप में थी। मगर, इसी साल वह कुछ ऐसे लोगों की संगत में पड़ गया, जिनका अपराध से छोटा-मोटा नाता रहा।

काला राणा ने इसी संगत में पड़ने के बाद अपराध की दुनिया में नाम कमाने का सपना बुनना शुरू कर दिया। पहली बार उसका नाम छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़े में आया, लेकिन 2013 में उसने अपने अपराध की बड़ी शुरुआत एक गाड़ी लूटने से की और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जेल में संपत नेहरा से हुई दोस्ती लूट के केस में जेल जाने के बाद उसकी मुलाकात उसी जेल में बंद बॉलीवुड स्टार सलमान खान की हत्या की साजिश रचने वाले लॉरेंस के गुर्गे संपत नेहरा से हुई। दोनों में अच्छी खासी दोस्ती हो गई और फिर संपत नेहरा ने उसे लॉरेंस व काला जठेड़ी गैंग में शामिल करा दिया।
इसके बाद जेल से बाहर आने पर काला राणा संपत नेहरा और लॉरेंस के शार्प शूटर्स के साथ मिलकर वारदातें करने लगा। उसने अपने गृह जिले यमुनानगर के अलावा आसपास के जिलों में कई वारदातें की। धीरे-धीरे उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में ऊपर आना शुरू हो गया।

पूर्व MLA के भाई पर चलाई गोलियां काला राणा पर अकेले यमुनानगर में ही 19 संगीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में केस दर्ज हैं। उसका नाम 2017 में उस वक्त सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया, जब उसने पूर्व MLA दिलबाग सिंह के भाई राजा पर संपत नेहरा के साथ मिलकर गोलियां चला दी।
काफी समय तक पुलिस की पकड़ में नहीं आने पर उस पर 1 लाख रुपए का इनाम रखा गया। इस बीच वह फरारी के दौरान ही दिल्ली NCR के खूंखार गैंगस्टर काला जठेड़ी का खासमखास बन गया। हालांकि काला जठेड़ी भी उस वक्त तक फरारी काट रहा था, लेकिन पुलिस को काला जठेड़ी और काला राणा के बीच के गठजोड़ का पता नहीं चल पाया था।

फर्जी पासपोर्ट से थाईलैंड भागा इधर, दिल्ली पुलिस ने 7 लाख रुपए के इनामी बदमाश काला जठेड़ी को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद हुई पूछताछ में काला राणा का नाम सामने आया। तब तक तिहाड़ जेल में बने लॉरेंस गैंग के कंट्रोल रूम से पूरा सिंडिकेट चलता था।
2020 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजू बसौदी नाम के गैंगस्टर को थाईलैंड से गिरफ्तार किया तो काला राणा के बारे में पता चला कि वह भी थाईलैंड में ही रह रहा है। वह लॉरेंस सिंडिकेट को थाईलैंड से ही ऑपरेट कर रहा है।
वह किसी हरनाम सिंह व्यक्ति के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हुआ था। इसके बाद काला राणा का रेड कॉर्नर जारी हुआ और उसे थाईलैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। काला राणा पर सबसे ज्यादा मामले यमुनानगर, अंबाला, कुरूक्षेत्र, करनाल के अलावा साथ लगते पंजाब के जिलों में दर्ज है।
