रविकांत सिंह | चंदौली3 मिनट पहले
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चंदौली जिले में भारतमाला एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मामले में सोमवार को रेवसां गांव के पास लगभग एक दर्जन घरों को जमींदोज कर दिया गया। यह कार्रवाई एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा की देखरेख में भारी पुलिस बल और तहसील प्रशासन द्वारा की गई। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के मौजूदगी के चलते लोग विरोध के लिए सामने नहीं आए।
आपको बता दें कि पीडीडीयू नगर तहसील क्षेत्र के रेवसा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन और क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे थे। शनिवार को एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी।
अफसरों के आश्वासन के दो दिन बाद सोमवार को एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ लगभग एक दर्जन मकानों को गिरा दिया गया।
डॉक्टर कैलाश बोले- 1 लाख 90 हजार मुआवजा मिला
इस दौरान मकान मालिकों ने अपने सामान खुले में बाहर रख दिए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक प्रशासन द्वारा पुनर्वास नहीं दिया गया है, जिससे उन्हें रहने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव के डॉक्टर कैलाश ने बताया कि उन्हें मकान के मुआवजे के तौर पर मात्र 1 लाख 90 हजार रुपये दिए गए हैं।
उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उचित मुआवजा दिए बिना मकान नहीं गिराया जाएगा, लेकिन उनका मकान भी उन लोगों के साथ गिरा दिया गया। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। इस संबंध में एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि केवल उन्हीं घरों को गिराने और अतिक्रमण हटाने का काम किया गया है, जिनका मुआवजा दिया जा चुका है।

प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
