राजधानी रायपुर में गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिंधी युवा एकता गणेश उत्सव समिति, लाखे नगर की ओर से पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा को मूल स्वरूप से कार्टून जैसी आकृति में स्थापित किया गया।
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साथ ही पंडाल में देर रात फिल्मी और अशोभनीय गाने बजाए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। वहीं अब मामला तुल पकड़ने के बाद मूर्ति विसर्जन की तैयारी की जा रही है।
राम भक्त सेना की ओर से की गई शिकायत
जगन्नाथ नगर निवासी खेमासागर हियाल (प्रवक्ता, राम भक्त सेना महानगर, रायपुर) ने इस संबंध में आजाद चौक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया कि 4 सितंबर की सुबह लगभग 2:18 बजे समिति के पंडाल पर फिल्मी, अश्लील गीतों के साथ डांस कार्यक्रम कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समिति को पहले भी प्रतिमा के मूल स्वरूप में स्थापना करने के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद भगवान के स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शिकायत का अवलोकन करने के बाद इसे प्रथम दृष्टया धारा 299, बीएनएस के तहत अपराध मानते हुए प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।
जानिए शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता खेमासागर हियाल ने कहा कि “भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ करने और पंडाल में अश्लील गाने बजाकर नृत्य कराने से हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हम मांग करते हैं कि विवादित प्रतिमा का तत्काल विसर्जन कराया जाए।”
पुलिस की माहौल पर नजर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, इलाके के लोगों में इस विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
