महिला मरीज को 26 नवंबर को क्लिनिक में एमडिट कराया गया था। हालत बिगड़ने पर पहले सिलिगुड़ी, फिर पटना ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला की बुधवार को मौत हो गई।
पूर्णिया के एक निजी क्लिनिक में महिला मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजन ने गुरुवार को जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा होता देख डॉक्टर और स्टाफ मौके से निकल गए। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निजी क्लिनिक के आगे 2 घंटे तक प्रदर्शन
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मामला शहर के लाइन बाजार बिहार टॉकीज रोड स्थित डॉ नीलू भगत और मधुर साह के क्लिनिक का है।
महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लिनिक के आगे शव वाहन रखकर डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
एक घंटे की मशक्कत के बाद आक्रोशितों को शांत कराया
घटना की जानकारी मिलते ही सहायक खजांची, के.हाट और फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी थाना की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा बढ़ता देख सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर क्लिनिक पहुंचे। घंटे भर की मशक्कत के बाद मामले को शांत कराया।
मृतका की पहचान अररिया जिले के बौसी वार्ड 10 निवासी विद्यानंद ठाकुर की पत्नी जूही कुमारी 26 के रूप में हुई है। शादी 6 साल पहले हुई थी, तीन बच्चे भी है।
क्लिनिक के आगे प्रदर्शन करते परिजन और स्थानीय आक्रोशित लोग।
26 नवंबर को डिलिवरी के लिए क्लिनिक में कराया था एडमिट
घटना की जानकारी देते हुए मृतका के पति विद्यानंद ठाकुर ने बताया कि पत्नी को तेज प्रसव पीड़ा उठने के बाद 26 नवंबर को सुबह पूर्णिया के लाइन बाजार बिहार टॉकीज रोड स्थित डॉ नीलू भगत और मधुर साह के क्लीनिक में एडमिट कराया था। इससे पहले दो सीजर से दो बच्चे हुए थे। इस बार तीसरे सीजर के जरिए तीसरा सीजर हुआ।
ऑपरेशन में 12 घंटे की देरी, मल्टी ऑर्गन फेल हुए
हालांकि ऑपरेशन की टाइमिंग सुबह 11 बजे थी। मगर ऑपरेशन 12 घंटे के देरी पर रात गए 11 बजे हुआ। डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही की, जिस वजह मल्टी ऑर्गन फेल हो गए। पेशाब रुक गया। उसके बाद डॉक्टर ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय डॉक्टर ने कोताही बरती। बिल बढ़ाने के चक्कर में जब कंडीशन काफी खराब हो गई और सब कुछ हाथ से निकल गया, तब डॉक्टर ने पेशेंट को रेफर किया।

इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने खूब हंगामा हुआ।
पहले सिलिगुड़ी, फिर पटना इलाज के लिए ले गए, बुधवार को हुई मौत
महिला की लगातार बिगड़ती तबीयत को देखते हुए वे लोग उसे सिलीगुड़ी ले गए। यहां भी डॉक्टरों के हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद वे लोग जूही को पटना ले गए। जहां इलाज के क्रम में बुधवार को जान चली गई। परिजन पटना से शव वाहन लेकर लाइन बाजार बिहार टॉकीज रोड स्थित डॉ नीलू भगत और मधुर साह के क्लिनिक पहुंचे। शव वाहन को क्लिनिक के आगे रखकर डॉक्टर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। परिजन डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही सहायक खजांची थाना अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार, के.हाट थाना की एसआई प्रिया कुमारी और फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी दल बल के साथ मौके पर पहुंची और प्रदर्शन को शांत कराने में जुट गई। हालांकि विवाद बढ़ता देख सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर क्लिनिक पहुंचे। घंटे भर की मशक्कत के बाद मामले को शांत कराया। परिजनों ने घटना को लेकर आवेदन दिया है।
