कोटा में मैपिंग नहीं कराने वाले 30 हजार वोटर को देंगे नोटिस।
कोटा जिले में 30 हजार वोटर्स की मैपिंग नहीं हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष समारिया ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत तैयार ड्राफ्ट रोल के बारे में राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। बैठक में बीजेपी की ओर से शहर अध्यक्ष राकेश जैन व देहात अध्य
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जिले में 2 प्रतिशत वोटर्स ( लगभग 30 हजार) की मैपिंग नहीं हुई। ऐसे वोटर्स ने SIR में प्रक्रिया तो करवा दी, लेकिन उन्होंने 2002 में उनके परिवार के सदस्यों का नाम किस केंद्र पर था उसकी जानकारी अपडेट नहीं कराई या तय दस्तावेज नहीं दिए। ऐसे मतदाताओं को अब बीएलओ के जरिए नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद ये यह प्रक्रिया पूरी करा देंगे तो इनके नाम फाइनल सूची में आ जाएंगे।
कांग्रेस देहात अध्यक्ष भानू प्रताप ने कहा- फाइनल प्रकाशन के पहले सभी से मिलकर आई हुई आपत्तियों को दूर करने का प्रयास करेंगे।
जो भी आपत्ति होगी, वो लगाएंगे : कांग्रेस देहात अध्यक्ष भानू प्रताप मीडिया से बातचीत में कांग्रेस देहात अध्यक्ष भानू प्रताप ने कहा- जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तैयार ड्राफ्ट रोल की सॉफ्ट व हार्डकॉपी राजनीतिक दलों को मिल गई है। अब इसमें एक महीने का टाइम है। हमें जो भी आपत्ति होगी वो लगाएंगे। फाइनल प्रकाशन के पहले सभी से मिलकर आई आपत्तियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। कोटा जिले में करीब डेढ़ लाख के फॉर्म नहीं भर पाए।
राजनीतिक दलों के बीएलए 2 ग्राउंड पर जाकर काम करेंगे, तब सच्चाई सामने आएगी। अगर उनमें कुछ मिलते हैं तो नाम एड कराने की कोशिश करेंगे। वैसे पहले फेज में कोई दिक्कत नहीं आई। ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभाओं में हम संतुष्ट हैं। ड्राफ्ट के हिसाब से देखेंगे। उसमें कोई आपत्तियां होगी तो उसके लिए संबंधित विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर से बात करेंगे।

बीजेपी शहर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा- शिफ्टिंग में कई नाम छूट गए थे, उसे लेकर पहले ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन दे दिया था। उस पर कार्रवाई चल रही है।
वास्तविक मतदाताओं के नाम जुड़े रह जाएंगे : भाजपा अध्यक्ष जैन वहीं बीजेपी शहर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा- शिफ्टिंग में कई नाम छूट गए थे। उसे लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया था। उस पर कार्रवाई चल रही है। प्रकिया से हम सन्तुष्ट हैं। अब वास्तविक मतदाता हैं, उनके नाम जुड़ेंगे या जुड़े रह जाएंगे।
कलेक्टर पीयूष समारिया ने कहा- आपत्ति-दावे सुनने के लिए ईआरओ व एईआरओ दोनों ही सक्षम अधिकारी हैं। आमजन इनसे संपर्क कर आपत्ति-दावे दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा बीएलओ ओर बीएलए 2 जो फील्ड लेवल पर हर बूथ पर नियुक्त हैं। इनके माध्यम से भी लेकर आ सकते हैं। जितनी भी आपत्तियां आएंगी, उन्हें हर हफ्ते ईआरओ व एईआरओ ऑफिस में नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी।
