नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान-2025 के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान की सराहना की।
नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान-2025 के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल का अमानक खाद, पेस्टिसाइड और बीजों के ख
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राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने सम्मेलन में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने महाराष्ट्र की तरह सभी राज्यों में रीसाइकल वाटर का 85 प्रतिशत किसानों को सिंचाई के लिए देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम की अवधारणा पर भी चर्चा की।
कृषि मंत्री ने कहा कि व्यापारियों द्वारा उर्वरकों पर की जा रही टेकिंग अधिक लाभ लेने के लिए की जा रही है इस टेकिंग को पूर्ण रूप से बंद करवाने पर जोर दिया।
पहली बार वैज्ञानिकों ने लैब टू लैंड कार्यम चलाया
खरीफ कृषि विकसित संकल्प अभियान के तहत पहली बार वैज्ञानिकों ने लैब टू लैंड कार्यक्रम चलाया। इसमें वैज्ञानिक ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, उर्वरक और बीज की जानकारी दी। रबी फसल के लिए भी ऐसा ही अभियान चलाया जाएगा।
राजस्थान में पेस्टिसाइड, बीज और उर्वरकों की व्यापक जांच की गई। क्रकई विनिर्माता कंपनियों में खामियां मिलीं। पंजाब और हरियाणा में भी जांच के बाद लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की गई। कृषि मंत्री ने अमानक बीज, उर्वरक और पेस्टिसाइड के खिलाफ सख्त कानून की मांग की। उनका कहना था कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य किसानों को उत्तम बीज, खाद और पेस्टिसाइड उपलब्ध कराना है।
टेकिंग को पूर्ण रूप से बंद करवाने पर जोर कृषि मंत्री ने कहा कि व्यापारियों द्वारा उर्वरकों पर की जा रही टेकिंग अधिक लाभ लेने के लिए की जा रही है इस टेकिंग को पूर्ण रूप से बंद करवाने पर जोर दिया। उन्होंने सम्मेलन में राज्यों की गैपवार स्टडी कर अनुसंधान का बजट दोगुना करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान बाजरा, जीरा, धनिया, अजवाइन, उत्पादन में अग्रणी राज्य है। लेब टू लैंड अभियान में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की जानकारी दी जाए। राजस्थान में जिप्सम और रॉक फास्फेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और पशुधन भी बहुतायत है, अतः इन संसाधनों द्वारा राजस्थान भारत का कार्बनिक हब बन सकता है।
