पानीपत की विशेष एनडीपीएस अदालत ने चरस तस्करी के मामले में सोमवार को फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने सोनीपत के गांव कथुरा निवासी आरोपी चंद्रमोहन को दोषी करार देते हुए 8 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 80 हजार रु
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विशेष लोक अभियोजक कुलदीप ने बताया कि दो सितंबर 2020 को एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एएसआई अनिल कुमार ने इसराना थाना क्षेत्र में चरस बरामदगी का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान युवक की पहचान चंद्रमोहन के रूप में हुई। पुलिस ने उसके पिट्ठू बैग की तलाशी ली तो उसमें से 800 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सबूत किए गए थे पेश
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस सबूत और गवाह पेश किए गए। अदालत ने पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने कहा कि नशा समाज के लिए घातक है और इस तरह के अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। इसलिए आरोपी को 8 साल की सजा और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपी की ओर से जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
