आरएएस इंटरव्यू के दौरान विशान अपने पिता के साथ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (RAS) परीक्षा-2023 का फाइनल रिजल्ट बुधवार रात को घोषित कर दिया गया है। दैनिक भास्कर ने सवाई माधोपुर के होनहार स्टूडेंट्स से बात की और उनकी सफलता की कहानी जानी.
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रिजल्ट आने के बाद अपने भाई के डॉक्टर भाई के साथ विशाल।
सक्सेस स्टोरी विशाल कुमार गुदेनिया
विशाल कुमार गुदेनिया को अपने डॉक्टर भाई मनीष गुदेनिया और एसोसिएट प्रोफेसर भाभी मनीषा शर्मा ने मोटिवेट किया तो विशाल RAS बने। विशाल बताते है कि बीटेक करने के बाद करियर को लेकर वह नर्वस थे तो उनके भाई डॉ. मनीष गदेनिया और भाभी मनीषा शर्मा ने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए मोटिवेट किया। जिसके बाद उन्होंने RAS की तैयारी शुरु की। तैयारी के शुरुआती दिनों ने परिवार का उन्हें भरपूर साथ मिला। विशाल के पिता -रामावतार शर्मा सब इंस्पेक्टर से सेवानिवृत है। जबकि मां हेमलता हाउस वाइफ है। विशाल अपनी सफलता श्रेय अपने नानाजी, माता, पिता औऱ भैय्या भाभी को देते है। विशाल ने साल 2014 में बीटेक किया। जिसके बाद से वह लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने दस साल तक कड़ी मेहनत की। इससे पहले RAS के दो प्रयासों में वह असफल हुए। अबकी बार वह तीसरी बार में आऱएएस इंटरव्यू में पहुंचे और यह सफलता हासिल की। RAS 2023 में विशाल ने जरनल श्रेणी में 490 वीं रैंक हासिल की। उन्होंने EWS श्रेणी में 42 वीं रैंक हासिल की है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को विशाल सलाह देते है कि पहले लक्ष्य को निर्धारण करे और फिर उस सपने को जीये, उसके लिए मेहनत करे। विशाल बताते है कि सिलेबस का बराबर रिवीजन से सब्जेक्ट के पंडे क्लीयर होते है और मेहनत का फल मीठा होता हौ।
