नई दिल्ली14 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने पोर्न वीडियोज को बैन करने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने सितंबर में नेपाल में हुए Gen-Z प्रदर्शन का हवाला दिया। कहा- नेपाल में सोशल मीडिया एप्स पर बैन लगाने के बाद क्या हुआ, जरा देखिए।
हालांकि, चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा- पोर्नोग्राफी बैन वाली याचिका पर 4 हफ्ते बाद सुनवाई की जाएगी। बता दें कि अगली सुनवाई से पहले 23 नवंबर को गवई अपने पद से रिटायर्ड हो रहे हैं।
दरअसल, याचिका में केंद्र सरकार से मांग की थी कि वह अश्लील कंटेंट (पोर्नोग्राफी) पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक नेशनल पॉलिसी बनाएं। साथ ही बच्चों तक यह कंटेंट नहीं पहुंचे, इसके लिए जरूरी एक्शन लें। पब्लिक प्लेटफॉर्म से वीडियोज को हटाया जाए।

पोर्न बैन वाली याचिका की 2 मुख्य बातें…
- सरकारी डिवाइस में भी पोर्न बैन नहीं: डिजिटलीकरण के बाद हर कोई इंटरनेट से जुड़ा है। पढ़ा-लिखा हो या न हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। सब कुछ एक क्लिक में उपलब्ध है। सरकार खुद मान चुकी है कि इंटरनेट पर अरबों अश्लील साइट्स मौजूद हैं। कोविड के दौरान बच्चों को पढ़ाई के लिए डिजिटल डिवाइस दिए गए, लेकिन उन डिवाइसों में पोर्न देखने से रोकने का कोई पक्का सिस्टम नहीं है।
- पोर्न वीडियो बैन का कानून नहीं: अश्लील वीडियोज को हटाने के लिए कोई कानून नहीं बना है। ऐसा कंटेंट व्यक्तियों और समाज दोनों पर बुरा असर डालता है। खासकर 13 से 18 साल के बच्चों के दिमाग पर इसका बुरा असर पड़ता है। सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनसे माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रख सकते हैं या उन्हें किसी वेबसाइट तक पहुंचने से रोक सकते हैं।
अश्लील कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट की पिछली 2 सुनवाई…
28 अप्रैल 2025: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लीलता गंभीर मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन अश्लील कंटेंट की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार और 9 OTT-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। याचिका एक गंभीर चिंता पैदा करती है। केंद्र को इस पर कुछ कदम उठाने की जरूरत है। पूरी खबर पढ़ें…
24 सितंबर 2024: सेक्स एजुकेशन वेस्टर्न कॉन्सेप्ट नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेक्स एजुकेशन को वेस्टर्न कॉन्सेप्ट मानना गलत है। इससे युवाओं में अनैतिकता नहीं बढ़ती। इसलिए भारत में इसकी शिक्षा बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि लोगों का मानना है कि सेक्स एजुकेशन भारतीय मूल्यों के खिलाफ है। इसी वजह से कई राज्यों में यौन शिक्षा को बैन कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अश्लील कंटेंट प्रसारित करने वाले 25 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया। सरकार का कहना है कि ये एप्स एंटरटेनमेंट के नाम पर अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो पेश कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
