यमुनानगर में प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों द्वारा मकान बेचते समय बैंक लोन की जानकारी छिपाई गई। जानबूझकर प्रॉपर्टी को ‘क्लीन’ बताकर बेचा, जबकि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पास गिरवी रखी
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शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-17 हुड्डा जगाधरी ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी राजेश चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा देवी निवासी अंबेडकर नगर, फर्कपुर व सुरजीत उर्फ संजय निवासी आरके पुरम कॉलोनी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
2008 में खरीदा था मकान
सेक्टर 17 हुडा थाना पुलिस को दी शिकायत में शिव कुमार भगत निवासी विशाल नगर ने बताया कि उन्होंने 24 अक्टूबर 2008 को करीब 100 वर्ग गज का एक मकान खरीदा था। यह प्रॉपर्टी कमेटी हद में स्थित है। विक्रेता सुरजीत उर्फ संजय निवासी आरके पुरम कॉलोनी ने खरीद के समय कब्जा सौंप दिया और पुरानी रजिस्ट्री नंबर 1227 (4 जून 2008) भी ट्रांसफर कर दी।
रजिस्ट्री में स्पष्ट रूप से लिखा था कि प्रॉपर्टी हर तरह से ‘पाक-साफ’ है और यदि कोई कानूनी दावा या नुकसान होता है, तो विक्रेता और उसके वारिस जिम्मेदार होंगे। शिव कुमार ने बताया कि उसने मकान खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया, जिसका पूरा भुगतान कर चुके हैं।
सेक्टर-17 पुलिस थाना।
रजिस्ट्री कार्यालय से भी धोखाधड़ी करने का आरोप
लेकिन हाल ही में उन्हें पता चला कि विक्रेता राजेश चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा देवी निवासी अंबेडकर नगर, फर्कपुर ने 2006 में SBI से 10 लाख रुपए का लोन लिया था। इस लोन के बदले उन्होंने अपनी रजिस्ट्री नंबर 4818 (11 अक्टूबर 2006) और पुरानी रजिस्ट्री नंबर 5758 (17 दिसंबर 1997) बैंक में गिरवी रख दी थी।
पीड़ित का आरोप है कि विक्रेताओं को लोन की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने धोखा दिया। बैनामा दस्तावेज में भी प्रॉपर्टी को मुक्त बताया गया था, जिससे रजिस्ट्री कार्यालय के साथ भी धोखाधड़ी हुई। शिव कुमार ने कहा, हमारा पूरा परिवार 17 साल से इस मकान में रह रहा है। अब बैंक का लोन बकाया आने से हमारी जिंदगी पर संकट आ गया है।
मामला दर्ज कर जांच शुरू
सेक्टर 17 हुडा थाने से मामले में जांच अधिकारी लाभ सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
