मुख्य बातें

जिसे गुरु माना, वही निकला पति का हत्यारा: उसकी बेटी पर थी बुरी नजर, टोका तो शराब पिलाकर घोंटा गला, घर में दफनाई लाश, पार्ट-2 – Rajasthan News

जिसे गुरु माना, वही निकला पति का हत्यारा:  उसकी बेटी पर थी बुरी नजर, टोका तो शराब पिलाकर घोंटा गला, घर में दफनाई लाश, पार्ट-2 – Rajasthan News


राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा राजस्थान का 21 साल पुराना केस। श्रीगंगानगर के जवाहरनगर थाना क्षेत्र में एक महिला पति, दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहती थी। वह पति के साथ गुरु के घर जाया करती थी। कुछ समय बाद परिवार गुरु के साथ रहने लगा।

.

एक दिन वह पीहर से लौटी तो पति घर पर नहीं मिला। काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। हारकर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, उसने महिला के होश उड़ा दिए। एक गड्‌ढे से उसके पति की लाश निकली। पुलिस ने गुरुजी और उसके दोनों चेलों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आए सच ने पुलिस के साथ-साथ महिला को भी हैरान कर दिया।

अब पढ़िए आगे की कहानी…

पुलिस ने जांच की तो एक गड्‌ढे से महिला के पति की लाश मिली। -एआई इमेज

महिला के पति ने अपनी बड़ी बेटी के साथ गुरुजी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इस पर वह नाराज हुआ। गुरुजी के साथ उसकी कहासुनी हो गई। उस दिन बात वहीं दबा दी गई, लेकिन गुरुजी ने इस बात की गांठ बांध ली।

इस घटना के बाद ही गुरुजी ने महिला को अपने पीहर जाने काे कहा। महिला का पति भी इस बात से खुश हो गया था कि उसकी बेटियां यहां से जा रही हैं। महिला ने भी कोई सवाल नहीं किया क्योंकि वह गुरुजी की हर बात मानती थी।

गुरुजी ने उसके परिवार के लिए एक टैक्सी करवाई। महिला को उसके बच्चों के साथ श्रीगंगागनर से 60 किमी दूर उसके पीहर भेज दिया। 8 मई को महिला अपने पीहर चली गई थी।

महिला के पति और गुरुजी के बीच काफी बहस हुई थी। -एआई इमेज

महिला के पति और गुरुजी के बीच काफी बहस हुई थी। -एआई इमेज

महिला के पीहर जाने के बाद गुरुजी ने उसके पति को खूब शराब पिलाई। इसके बाद गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी। जान निकलने से पहले वह बचाने के लिए चिल्लाता रहा। शव घर के पीछे गड्‌ढा खोदकर दफना दिया। इस दौरान गुरुजी के दोनों चेले भी वहां मौजूद थे।

पुलिस ने गुरुजी और उसके दोनों चेलों को गिरफ्तार किया। कोर्ट में कुल 18 लोगों के बयान करवाए गए। अर्जुन नगर में पड़ोस में रहने वाले युवक ने बताया कि 10 मई को गुरुजी के घर से चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।

मामले में एक चेला सरकारी गवाह बन गया था। कोर्ट ने उसे क्षमा प्रदान की। गुरुजी और दूसरे चेले को 3 अगस्त 2008 को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों की ओर से ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए उम्रकैद के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। जस्टिस मनोज कुमार गर्ग व जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास की बेंच ने सुनवाई के बाद 21 अगस्त 2017 को याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट ने गुरु और उसके एक चेले को उम्रकैद की सजा सुनाई। -एआई इमेज

कोर्ट ने गुरु और उसके एक चेले को उम्रकैद की सजा सुनाई। -एआई इमेज

पीहर से लौटी तो गड्‌ढे में मिली पति की लाश:गुरु के कहने पर बच्चों को लेकर गई थी मायके, 21 साल पुरानी मर्डर मिस्ट्री; पार्ट-1



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *