सिवानी में एग्रीस्टैक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराते किसान।
भिवानी जिले के सिवानी मंडी में किसानों के लिए यूनिक किसान आईडी बनाने का अभियान शुरू किया गया है। जिसे ‘एग्रीस्टैक’ नाम दिया गया है। यह अभियान किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक लगभग 850 किसानों का रजिस्ट्रेशन
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एसडीएम ने बताया कि एग्रीस्टैक एक डिजिटल कृषि इको-सिस्टम है। इसके माध्यम से किसानों का एक समग्र और विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इस डेटाबेस में किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल विवरण, आय, ऋण एवं बीमा इतिहास जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी।
एग्रीस्टैक पोर्टल पर किया जा रहा रजिस्ट्रेशन
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चन्द्र ने बताया कि गांव-गांव जाकर शिविरों के माध्यम से एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है। अभियान के तहत बुधवार को सिवानी खंड के गांव किकराल व नलोई में शिविर लगाकर पंजीकरण किया गया और लोगों को यूनिक आईडी के प्रति जागरूक किया गया। एग्रीस्टैक का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसान, तेज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक के तहत प्रत्येक किसान को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से पीएम-किसान, फसल बीमा, कृषि ऋण, सब्सिडी एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, कागजी कार्यवाही कम होगी तथा पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।
प्रशासन ने की किसानों से अपील
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर एग्रीस्टैक के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर प्राप्त हो सके। इस अवसर पर कृषि अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. राजीव दलाल, महावीर सिंह, सोनू, मान सिंह, जयकरण, सुरेश और उदमी अजमेर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
