बूंदी के गवर्नमेंट कॉलेज में बुधवार को हवाई हमले और बम विस्फोट की सूचना से हड़कंप मच गया। हालांकि, यह वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक मॉकड्रिल थी। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले और बम विस्फोट की स्थिति से निपटने के लिए शहर की तैयारियों का आकलन करना था। दोपहर बाद कॉलेज में हवाई हमले और बम विस्फोट की खबर फैलते ही सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं और उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज को चारों ओर से घेर लिया। मॉकड्रिल के दौरान कॉलेज परिसर में हवाई हमले और बम फटने जैसे दृश्य निर्मित किए गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं और तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। सिविल डिफेंस की टीम ने मॉकड्रिल में घायल दिखाए गए लोगों को स्ट्रेचर पर लादकर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, इस मॉकड्रिल में कुल 12 लोगों को घायल दर्शाया गया था, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी बूंदी लक्ष्मीकांत मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने मॉकड्रिल में शामिल विभिन्न टीमों के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मॉकड्रिल के सफल समापन के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहर में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना था। उन्होंने कहा कि यह मॉकड्रिल काफी सफल रहा और इससे सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी तैयारियों का आकलन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉकड्रिल भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकें।
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