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मऊ में राजनीतिक बयानबाजी गरमा गई है। शनिवार को एक कार्यक्रम में सांसद राजीव राय ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और नगर पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। जिले में पूर्व सांसद, मौजूदा सांसद, कैबिनेट मंत्री और नगर पालिका अध्यक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राजनीतिक वर्चस्व की यह लड़ाई अब व्यक्तिगत टिप्पणियों का रूप ले चुकी है। एक कार्यक्रम के दौरान सांसद राजीव राय ने अपने पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज होकर कैबिनेट मंत्री और नगर पालिका अध्यक्ष पर निशाना साधा। मंच से बोलते हुए सांसद राजीव राय ने कहा- मंत्री के काफिले में हिस्ट्रीशीटर चलते हैं। अगर मेरी हत्या करा दें तो मध्यावधि चुनाव हो जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग मऊ की राजनीतिक मर्यादा और परंपराओं को भूल गए हैं। यह बाते उन्होंने बीते शनिवार को मऊ के मधुबन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टेसूपार, पोस्ट मुहम्मदपुर मे राष्ट्रीय संत संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती के दौरान कही। जानिए कहां से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक कार्यक्रम में भाजपा नेता भरतलाल राही ने सांसद के पिता पर टिप्पणी करते हुए कहा था- मऊ उनके बाप का नहीं है। उस समय मंच पर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा भी मौजूद थे और कथित तौर पर मुस्कुराते हुए ताली बजाते नजर आए थे। कहा- जिस सड़क से मंत्री आते हैं वह मेरे प्रयासों से बनी है सांसद राजीव राय ने अपने कार्यों पर सवाल उठाने वालों से जिले में हुए विकास कार्यों को देखने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि जिस सड़क से मंत्री मऊ आते हैं, वह उनके प्रयासों से ही बनी है। उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री के घर से निकलते ही सांसद निधि से कराए गए कार्यों के बोर्ड भी दिखाई देते होंगे। सांसद ने यह भी बताया कि जिस क्षेत्र के नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल हैं, वहां का महिला अस्पताल भी उनके प्रयासों से ही बनवाया गया है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष के उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि सांसद के घर के सामने की सड़क मंत्री द्वारा बनवाई गई है। बोले- जेल जाने के डर से बनवाई गई सड़क उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक में सईदी रोड और उनके घर के सामने की जर्जर सड़क का मुद्दा उठा था, तब मंत्री ने इसे बनवाने की बात कही थी, लेकिन दूसरी बैठक तक सड़क नहीं बनी, तो उन्होंने जिलाधिकारी से जनता के पैसे के दुरुपयोग के आरोप में एफआईआर कराने की बात कही। सांसद का आरोप है कि जेल जाने के डर से बाद में सड़क बनवाई गई।
सांसद ने नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे न तो समाजवादी पार्टी के रहे और न ही बहुजन समाज पार्टी के। उन्होंने मंत्री को भी यह बात समझने की नसीहत दी।
अपने संबोधन में सांसद ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री के काफिले में हिस्ट्रीशीटर भी चलते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री चाहें तो उन्हीं लोगों से उनकी हत्या भी करवा सकते हैं, जिससे मध्यावधि चुनाव हो जाए।
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