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ठगी का मामला: बाड़मेर में तैनात कांस्टेबल सहित तीन गिरफ्तार, 244 लोगों से 10 करोड़ रुपए ठगे – Barmer News

ठगी का मामला:  बाड़मेर में तैनात कांस्टेबल सहित तीन गिरफ्तार, 244 लोगों से 10 करोड़ रुपए ठगे – Barmer News

पहली बार बिट कॉइन माइनिंग मशीन में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है।
जयपुर श्याम नगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए बाड़मेर में पुलिस में तैनात प्रोबेशनरी कांस्टेबल सहित तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रूम का वीडियो दिखाकर लोगों को हर महीने 16 से 18% मुनाफे का लालच देते थे और अब तक 244 लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं। प्रोबेशन काल में चल रहा कांस्टेबल लंबे समय से अनुपस्थित चल रहा था तथा इस गिरोह में शामिल था। जयपुर के डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शर्मा निवासी हनुमान वाटिका आमेर, प्रोबेशनरी कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह निवासी ऑफिसर कॉलोनी कनकपुरा करधनी और चमन सिंह निवासी शेखावाटी नगर रोड नंबर-14 हरमाड़ा शामिल हैं। एसपी ने प्रोबेशन पीरियड में चल रहे कांस्टेबल को किया ​बर्खास्त जयपुर में ​बिटकॉइन माइनिंग मशीन के निवेश में पकड़े गए बाड़मेर में तैनात प्रोबेशनर कांस्टेबल जितेंद्रसिंह पुत्र गुगनसिंह राजपूत निवासी खेतड़ी झुंझुनूं को बाड़मेर एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि जितेंद्रसिंह ने 1 अप्रैल 2025 को बाड़मेर पुलिस ज्वाइन की थी। इसके बाद दर्जनों बार अनुपस्थित रहा। कई बार नोटिस दिए गए। ज्वाइन करता और फिर फरार हो जाता था। अब फाइनल रूप से कार्रवाई करते हुए सोमवार को जितेंद्रसिंह को बर्खास्त कर दिया है। जितेंद्र सिंह आर्मी से रिटायर्ड है। पिछले साल ही राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल बना है। बाड़मेर पुलिस लाइन में प्रोबेशन में था। बैंगलोर से चल रहा था नेटवर्क पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना अविनाश शर्मा है, जो नकद रकम से यूएसडीटी खरीदकर मलेशिया भेजता था। वहां से माइनिंग सर्वर रूम के वीडियो दिखाकर निवेशकों को विश्वास में लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का संचालन बैंगलोर से किया जा रहा था और इसमें बैंगलोर निवासी यूनुस खान तथा दिनेश पाराशर की भी भूमिका सामने आई है। 1.98 करोड़ डॉलर का लेनदेन पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि आरोपियों ने 244 लोगों को सदस्य बनाकर करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी की है। मुख्य आरोपी अविनाश की दो आईडी में करीब 1.98 करोड़ डॉलर का लेनदेन भी सामने आया है। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपियों ने सर्वर डाउन कर दिया और निवेशकों को नेटवर्क से बाहर कर दिया। गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर पोर्टल पर सात शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई रिंगिट, एक लैपटॉप व 4 मोबाइल जब्त आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई रिंगिट, 40 यूएई दिरहम, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक करेंसी काउंटिंग मशीन बरामद की गई है। आरोपी सोशल मीडिया और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लोगों को बिट कॉइन माइनिंग मशीन में निवेश कराने का झांसा देते थे। मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रूम के वीडियो दिखाकर भरोसा दिलाया जाता था कि निवेश की रकम से क्रिप्टो माइनिंग की जा रही है और हर महीने 16 से 18 प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा।



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