रोहतक में बाल मजदूरी करते हुए 6 बच्चों को बाल कल्याण समिति क टीम ने रेस्क्यू किया। टीम ने सभी बच्चों को चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक के समक्ष पेश किया, जहां बच्चों की काउंसलिंग की गई। साथ ही बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग करते हुए चेतावनी भी दी। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि मानव तस्करी विरोधी टीम के सदस्य रवि मलिक, प्रदीप कुमार और सुरेंद्र कुमार के साथ एमडीडी टीम के सदस्य विकास ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डी-पार्क और शीला बाईपास पर होटलों में छापा मारा। टीम ने होटलों से 6 नाबालिग बच्चों को मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किया। बच्चों की उम्र 14 से 16 साल के बीच एडवोकेट सतीश ने बताया कि बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किए बच्चों की उम्र 14 से 16 साल के बीच है। इनमें 2 बच्चे 14 साल, 2 बच्चे 15 साल और 2 बच्चे 16 साल के है। जांच में सामने आया कि 4 बच्चे उत्तर प्रदेश और 2 बच्चे बिहार के रहने वाले हैं। होटल संचालकों को दी चेतावनी एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि बाल मजदूरी करवाने वाले होटल संचालकों को चेतावनी दी गई है कि अगर दोबारा नाबालिग बच्चों से कार्य करवाया तो उनके खिलाफ कानून कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही टीम समय-समय पर होटल और ढाबों पर छापेमारी करती रहेगी।
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