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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के रोहड़ू में बीती रात (रविवार को) धार्मिक अनुष्ठान में गोली चलने से एक महिला की मौत हो गई। कुलगांव क्षेत्र में देवता के अनुष्ठान कार्यक्रम में परंपरा के अनुसार- देवलू ( देवता के कारदार व क्षेत्र के लोग) हवाई फायरिंग कर रहे थे। इस दौरान गोली रितिका को जाकर लगी। इससे रितिका का मौत हो गई। पुलिस ने दो आरोपी रजत सोहटा और अमित अक्का को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। मृतक के परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। धार्मिक कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि देव आस्था से जुड़े कार्यक्रम में हुए हादसे पर कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। चिड़गांव थाना में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहड़ू से शिमला भेजा गया है। मृतक महिला के दो छोटे बच्चे हैं मृतक महिला की पहचान रितिका (26 साल) पत्नी सतीश निवासी बकोरा के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि रितिका के दो छोटे बच्चे भी हैं। बता दें कि, देव अनुष्ठान में देवलू बंदूकों के साथ-साथ तलवारें, डांगरू (पहाड़ी हथियार), खुखरी इत्यादि के साथ नाचते हैं। दिखावे की प्रवृत्ति पर उठ रहे हैं सवाल यह घटना एक बार फिर धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था व जिम्मेदारी की आवश्यकता को उजागर करती है। बढ़ती लापरवाही और दिखावे की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। समाज के जिम्मेदार लोगों और विशेषज्ञों ने अपील की है कि ऐसे आयोजनों में संयम बरतते हुए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। कुलगांव का ऐतिहासिक भाई-भाई मिलन हुआ इसी आयोजन के दौरान कुलगांव मंदिर प्रतिष्ठा में एक भव्य धार्मिक दृश्य भी देखने को मिला, जहां देवता शालू महाराज कूपड़ी मेलटी और शालू महाराज कुलगांव का ऐतिहासिक भाई-भाई मिलन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। हालांकि, इस हादसे ने समारोह की खुशी को गहरे शोक में बदल दिया। प्रशासन की अपील- हथियारों का प्रदर्शन या फायरिंग करने से बचें प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन में हथियारों का प्रदर्शन या फायरिंग करने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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