प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और विधायक पवन काजल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी ओपीडी पर ताला लगने को लेकर चिंता जताई। विधायक काजल ने कहा कि महत्वपूर्ण विभागों पर ताले लटके होने के कारण गरीब मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने यह बात शनिवार को ग्राम पंचायत हलेड खुर्द में जनसंपर्क अभियान के दौरान कही। काजल ने सरकार से पूछा कि क्या यही वह विश्व स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था है, जिसका सपना मुख्यमंत्री जनता को दिखा रहे थे। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज की स्थिति सरकार के दावों की पोल खोलती है। कार्डियोलॉजी जैसे संवेदनशील विभाग की ओपीडी बंद होने से दूर-दराज से आए हृदय रोगी, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं और गंभीर बीमार शामिल हैं, बिना जांच और दवा के वापस लौटने को विवश हो रहे हैं। एमआरआई व सीटी स्कैन को मिल रही लंबी तारीखें विधायक ने कहा कि एक तरफ सरकार करोड़ों रुपये कैथ लैब पर खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते ओपीडी ही बंद पड़ी है। इससे जनता का पैसा और स्वास्थ्य दोनों दांव पर लगे हैं। कांग्रेस सरकार बनने के बाद से टांडा की लिफ्ट खराब पड़ी हैं और रोगियों को एमआरआई व सीटी स्कैन के लिए लंबी तारीखें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल अब महज रेफरल हॉस्पिटल बनकर रह गया है। सीएम से व्यवस्था सुधारने की मांग काजल ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर मेडिकल कॉलेज की दुर्दशा सुधारने की मांग की। आरोप लगाया कि जो सरकार पहले से चल रहे संस्थानों को बंद करने में व्यस्त रही, वह अब चल रहे अस्पतालों में ताले लटकने की नौबत आने पर भी मौन साधे हुए है। कहा सरकार ने साढ़े तीन साल में प्रदेश को कई साल पीछे किया उन्होंने मुख्यमंत्री की बेबसी और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को खोखला बताया, दावा किया कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में राज्य विकास के पैमाने पर कई वर्ष पीछे धकेल दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायतीराज संस्थाओं और स्थानीय निकाय चुनाव में जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी।
Source link
