मुख्य बातें

जनगणना कार्य में लापरवाही पर 2 टीचर निलंबित: पन्ना में कलेक्टर का सख्त एक्शन; कर्मचारी पर भी कार्रवाई के निर्देश – Panna News

जनगणना कार्य में लापरवाही पर 2 टीचर निलंबित:  पन्ना में कलेक्टर का सख्त एक्शन; कर्मचारी पर भी कार्रवाई के निर्देश – Panna News

पन्ना में राष्ट्रीय महत्व के जनगणना 2027 कार्य में लापरवाही बरतने वाले सरकारी सेवकों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर और प्रमुख जनगणना अधिकारी ऊषा परमार ने कर्तव्य में स्वेच्छाचारिता के आरोप में दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अमानगंज के तहसीलदार एवं ग्रामीण चार्ज अधिकारी के प्रतिवेदन पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए शिक्षकों में शासकीय प्राथमिक शाला सप्तई के प्राथमिक शिक्षक रामशिरोमणि शुक्ला और शासकीय प्राथमिक शाला ककरा के सहायक शिक्षक हीरालाल समदरिया शामिल हैं। जनगणना कार्य से अनुपस्थित शिक्षक निलंबित मंगलवार को देर शाम जारी निलंबन आदेश के अनुसार, दोनों शिक्षकों ने जनगणना प्रशिक्षण में हिस्सा लिया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के समय उन्होंने बीमारी का हवाला देकर अनुपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासन ने बताया कि उन्होंने अस्वस्थता संबंधी कोई भी वैध दस्तावेज या मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया। सुपरवाइजर की ओर से संपर्क किए जाने पर उन्होंने केवल मौखिक सूचना दी, जो नियमों के विरुद्ध है। एचएलबी आवंटन के बावजूद, इन शिक्षकों ने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में बाधा उत्पन्न की। निलंबन अवधि के दौरान, दोनों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शाहनगर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। जनगणना में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई एक अन्य मामले में, अपर कलेक्टर और जिला जनगणना अधिकारी मधुवंतराव धुर्वे ने उप संचालक कृषि कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरविंद सिंह गौड़ के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि अरविंद सिंह ने न तो जनगणना कार्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और न ही दिए गए निर्देशों के बावजूद मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत हुए। नियुक्ति प्राधिकारी को जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अरविंद सिंह गौड़ के खिलाफ प्रभावी अनुशासनात्मक कार्यवाही कर तत्काल रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि जनगणना कार्य के दौरान सभी लोकसेवकों के अवकाश पर प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई गंभीर बीमारी की स्थिति बनती है, तो केवल जिला मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को अब विभागीय जांच और निलंबन जैसी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *