झुंझुनूं के राजकीय बीड़ीके (BDK) अस्पताल से आए कैंसर के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या डरावनी रफ्तार से बढ़ रही है। साल 2025 में अस्पताल की ओपीडी में 3,219 कैंसर रोगी पहुंचे, यानी हर महीने औसतन 268 लोग इस गंभीर बीमारी का इलाज करवाने अस्पताल आ रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें से आधे मरीज अकेले ‘मुंह और गले’ के कैंसर से पीड़ित हैं, जिसका सीधा कारण तंबाकू का सेवन है। 5 साल में 4 गुना बढ़े मरीज पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि जिले में कैंसर कितनी तेजी से पैर पसार रहा है। साल 2021 में जहां केवल 780 मरीज अस्पताल आए थे, वहीं 2024-25 तक यह संख्या 3 हजार के पार पहुंच गई है। महज 5 साल में मरीजों की संख्या में 412% का उछाल आया है।
महिलाओं से ज्यादा पुरुषों बढ़ रहा है कैंसर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, कैंसर की चपेट में महिलाओं से ज्यादा पुरुष आ रहे हैं। पुरुष मरीज: 1,713 (कुल का 53%) महिला मरीज: 1,506 (कुल का 47%) डॉक्टरों का कहना है कि पुरुषों में गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और शराब की लत उन्हें कैंसर की ओर धकेल रही है। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय के कैंसर के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। कौन सा कैंसर सबसे ज्यादा (नए 87 मरीजों का विवरण) हाल ही में मिले 87 नए मरीजों की जांच में सामने आया कि तंबाकू का सेवन सबसे घातक साबित हो रहा है। मुंह और गला: 42 मरीज (तंबाकू और गुटखे की वजह से) फेफड़े: 17 मरीज (बीड़ी-सिगरेट और प्रदूषण की वजह से) ब्रेस्ट कैंसर: 11 मरीज गर्भाशय: 08 मरीज अन्य: 09 मरीज
नवंबर में पहुंचे सबसे ज्यादा मरीज साल 2025 के हर महीने में मरीजों का आना जारी रहा, लेकिन नवंबर के महीने में सबसे ज्यादा 320 कैंसर पीड़ित अस्पताल पहुंचे। जनवरी में 310 और अगस्त-सितंबर में भी यह आंकड़ा 280 के पार रहा। अब झुंझुनूं में ही हो रहा इलाज इतने संकट के बीच अच्छी खबर यह है कि अब मरीजों को जयपुर या बीकानेर भागने की जरूरत नहीं है। BDK अस्पताल में ही सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यहां पर ही कीमोथेरेपी दी जा रही है। साल भर में 540 मरीजों को कीमो दी गई। 282 गंभीर मरीजों का दर्द कम करने के लिए विशेष देखभाल दी गई। इन संकेतों को न करें नजरअंदाज अगर आपको ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें: मुंह में कोई छाला जो ठीक न हो रहा हो। शरीर में किसी भी तरह की बिना दर्द वाली गांठ। आवाज का बदलना या लंबे समय तक खांसी। अचानक वजन कम होना या भूख न लगना
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