अहमदाबाद1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेश यात्राओं से बचने की अपील गुजरात में दिखाई देने लगी है। दिव्य भास्कर ने पीएम की अपील का असर जानने गुजरात की कई बड़ी ट्रैवल एजेंसियों से बात की, तो पता चला कि राज्य में इंटरनेशनल ट्रिप में 30 फीसदी कमी आ गई है और अब लोग वैकेशन के लिए देश के अंदर ही पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं।
सूरत के ट्रैवल एजेंट कुलदीप सोनी ने बताया- पीएम के बयान के तुरंत बाद से ही गुजरात में असर दिखना शुरू हो गया था। अब तो अंतिम चरण में पहुंच चुकीं बुकिंग भी रद्द होनी शुरू हो गई हैं। यहां तक कि इंटरनेशनल ट्रिप के लिए पूछताछ में भी भारी गिरावट आ गई है। जो लोग अब तक दुबई, थाईलैंड या वियतनाम जाने का प्लाना बना रहे थे। वे अब देश के ही पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं।
फॉरेन ट्रिप में 50 फीसदी तक की कमी आएगी:कुलदीप सोनी कुलदीप सोनी ने आगे बताया कि लोग अब घरेलू पैकेज की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह असर बढ़कर 30 से 50 प्रतिशत तक होने की संभावना है। लोग अब फॉरेन ट्रिप का प्लान कैंसल कर उसी बजट में भारत के बेहतरीन पर्यटन स्थलों पर जाना चाहते हैं। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, घरेलू पर्यटन में वृद्धि से भारत में स्थानीय रोजगार को रफ्तार मिलेगी। इसस होटल, ट्रैवल उद्योगों के साथ-साथ इनसे जुड़े छोटे-छोटे व्यवसायों को भी फायदा होगा।

लोग अब देश के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछ रहे:कुलदीप सोनी
कुलदीप सोनी कहते हैं कि भारतीय हर साल गर्मियों में विदेश यात्रा पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। प्रधानमंत्री की अपील का मुख्य उद्देश्य इस धन को देश में ही रखना और स्थानीय पर्यटन स्थलों का विकास करना है। पीएम की अपील से अब पर्यटकों में भी यह समझ विकसित हो रही है कि विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल भारत में भी उपलब्ध हैं, तो विदेश क्यों जाएं? यह सोच विदेशी मुद्रा की बचत करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
ट्रैवल एजेंसियों में आने वाले ग्राहक अब स्पष्ट रूप से भारत के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछ रहे हैं। इंटरनेशनल ट्रिप की बुकिंग करा चुके पर्यटक भी अब पूछ रहे हैं कि क्या इन्हें घरेलू बुकिंग में बदला जा सकता है? वहीं, सूरत में रहने वाली भूमिका कदम और उनकी दो बहनों ने एक वक्त पर वियतनाम की जगह दार्जिलिंग और सिक्किम ट्रिप की बुकिंग करवा ली है।
भूमिका ने बताया कि वह पिछले 6-7 महीनों से वियतनाम की अपनी पहली एकल अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रही थीं। लेकिन प्रधानमंत्री की अपील सुनने के बाद उन्होंने आपसी सहमति से यह विदेश यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। अब ये तीनों लड़कियां सिक्किम-दार्जिलिंग की यात्रा पर जाएंगी। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे देश की मुद्रा बचाने के लिए विदेश न जाकर देश के ही पर्यटन स्थलों पर जाएं।
भूमिका कदम ने कहा- बहुत से लोग विदेश जाने का सपना देखते हैं। हम बहनें भी वियतनाम जाने के लिए बहुत उत्साहित थीं। लेकिन प्रधानमंत्री की अपील के बाद हमें भी अहसास हुआ कि अगर हम ही अपने देश के पर्यटन को बढ़ावा नहीं देंगे तो कौन देगा? इसीलिए हमने सिक्किम-दार्जिलिंग जाने का फैसला किया है। हमारी भविष्य की ट्रिप में भी पहली प्रॉयोरिटी अब भारत के ही पर्यटन स्थल रहा करेंगे।

पीएम की अपील के बाद अब हालात बदलने लगे: अलाप मोदी अहमदाबाद में अजय मोदी ट्रेवल्स एजेंसी के मालिक अलाप मोदी ने कहा- खासतौर पर गुजरात की बात करूं तो वैकेशन में यहां के बड़ी संख्या में लोग विदेश जाने का ही प्लान बनाते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद हालात बदलने लगे हैं।
गर्मियों के छुट्टियों के लिए अभी काफी लोगों ने पहले से ही फॉरेन ट्रिप की बुकिंग करवा ली थीं, जिन्हें रद्द करना अब उन्हें काफी महंगा पड़ सकता है। हां, नई बुकिंग पर इसका असर साफतौर पर दिखाई देने लगा है। फिलहाल, ज्यादातर लोग कश्मीर, लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, असम और सिक्किम के लिए बुकिंग करवा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में यह मांग और बढ़ने वाली है। इसका असर दिवाली वैकेशन भी साफ दिखाई देगा।

भारतीय भी देश की ट्रिप पर आना शुरू कर देंगे: अलाप मोदी आलाप मोदी ने आगे बताया कि पीएम की अपील का असर विदेशी पर्यटकों पर भी दिखाई देगा। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी देश की ट्रिप पर आना शुरू कर देंगे। इससे होटलों और हवाई टिकटों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत में टूर पैकेज 20 हजार से 70 हजार तक के होते हैं। वहीं, विदेशों में टूर पैकेज 50 हजार से शुरू होकर 7 लाख तक जाते हैं। साथ ही, अलग-अलग जगहों पर ठहरने की अवधि के अनुसार पैकेज की कीमत घटती-बढ़ती रहती है।
अहमदाबाद से श्रीनगर, दिल्ली, कोच्चि और बेंगलुरु आदि के लिए सीधी कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। धार्मिक स्थलों की बात करें तो अहमदाबाद से अयोध्या और वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। आने वाले समय में गुजरात में कई ऐसे स्थान हैं, जहां लोग जाना ज्यादा पसंद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लोग गुजरात के पर्यटन स्थलों की यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। द्वारका, सोमनाथ, दीव-दमन और गिर जैसी ट्रिप के लिए पूछताछ बढ़ रही है।

देश के लोगों का ही भला होगा: मनीष शाह वडोदरा टूर एंड ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शाह ने कहा- पीएम की अपील से विदेशी पर्यटन और यात्रा व्यवसायों पर निश्चित तौर पर असर पड़ेगा। विदेशों की बजाय लोग भारत की यात्रा करते हैं, तो इससे देश के लोगों का ही लाभ होगा। भारतीय होटलों का कारोबार बढ़ेगा, ट्रैवल एजेंटों का कारोबार बढ़ेगा। इसके साथ ही, यात्रा और परिवहन से जुड़े अन्य सभी व्यवसायों को लाभ होगा।
पीएम मोदी ने सोमवार को वडोदरा से भारत में ही ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ करने की भी अपील की थी, जिसका शादी उद्योग पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। पीएम की अपील के कुछ ही घंटों के भीतर, देश के वेडिंग प्लेसेज के बारे में जानने वालों की पूछताछ भी बढ़ गई है। लोग अब विदेश जाने के बजाय ऋषिकेश, गोवा और उदयपुर जैसे भारतीय शहरों में वेडिंग प्लान कर रहे हैं।
इसका एक कारण यह भी है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के बढ़ते किराए और महंगाई से भी विदेशों में वेडिंग प्लान महंगा होता जा रहा है। वहीं, भारत में यह बहुत किफायती है। विदेश में शादी करते समय मेहमानों की संख्या 150 से 200 तक सीमित रखनी पड़ती है, जबकि भारत में ऐसी कोई सीमा नहीं है।

देश में ही वेडिंग डेस्टिनेशन की इन्क्वॉयरीज आ रहीं: चिराग शेठ वडोदरा के वेडिंग प्लानर चिराग शेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद से देश में ही डेस्टिनेशन वेडिंग प्लेसेज लिए कई कॉल आ रहे हैं। जो लोग विदेशों में शादी का प्लान बना रहे थे, वे अब भारत के वेडिंग प्लेसेज सर्च कर रहे हैं। देश के वेडिंग प्लेसेज के लिए अब तक हमें 10 से 15 कॉल्स आ चुकी हैं।
फिलहाल, एयरलाइन के किराए में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, इसलिए भारत में शादी की योजना बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। इससे भारतीय वेडिंग इंडस्ट्री को काफी फायदा होगा और लोग अधिक मेहमानों के साथ शादियों का आनंद ले सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जब भी विदेश में वेडिंग प्लान बनाया जाता है तो आमतौर पर अधिकतम 200 मेहमानों के लिए ही योजना बनाई जाती है। लेकिन अगर हम भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं, तो 300 से 400 मेहमानों के लिए अच्छी तरह से योजना बना सकते हैं। इसलिए, भारत में शादी करने का संदेश बहुत स्वागत योग्य है और यह सभी के लिए फायदेमंद है।
चिराग शेठ ने आगे बताया कि भारत की वेडिंग इंडस्ट्रीज बहुत बड़ी है। अगर भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग प्लान की जाती है, तो यहां की इंडस्ट्रीज को बहुत फायदा होगा। वेडिंग इंडस्ट्रीज में होटलों के अलावा बड़ी संख्या में छोट-छोटे लोग भी जुड़े होते हैं। फूल सजावट से लेकर खानपान की सुविधाएं देने वालों तक के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इवेंट इंडस्ट्री को बहुत फायदा होगा:आनंद दोषी
अहमदाबाद के इवेंट प्लानर आनंद दोषी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से बहुत लाभ होने वाला है। हमारे देश में कई बेहतरीन स्थान हैं, जहां शादियां प्लान की जा सकती हैं। विदेशों में उपलब्ध सुविधाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं हमारे देश में भी मौजूद हैं।
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जो भी जरूरी है, वह हमारे देश में उपलब्ध है। बहुत से लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विदेशों में करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसलिए अगर लोग पीएम की अपील मानते हैं, तो देश की इवेंट्स इंडस्ट्रीज को बहुत फायदा होगा।
आनंद दोषी ने आगे बताया कि अहमदाबाद से ही हर साल 300 से 400 लोग विदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं। इस तरह पूरे देश के आंकड़ा देखा जाए तो बहुत आगे निकल जाएगा। विदेशों में लोगों को लाने-ले जाने और अन्य व्यवस्थाएं करने में काफी खर्च करना पड़ता है। अगर हम शादी के लिए विदेश जाते हैं, तो सबसे सस्ते शहर में भी खर्च 3 से 4 करोड़ रुपए तक हो जाता है। महंगे शहरों में यह खर्च और भी बढ़ जाता है।
इसलिए अगर 50 प्रतिशत लोग भी भारत में शादी करें, तो देश की ईवेंट्स इंडस्ट्रीज को काफी फायदा होगा। छोटे-बड़े कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा। केरल, गोवा और उदयपुर समेत कई जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग को बहुत अच्छे से आयोजित किया जा सकता है। गुजरात सरकार भी डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है।
———————— पीएम मोदी की अपील से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
PM लगातार दूसरे दिन बोले- पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें:सोने की खरीद टालें, तेल कम खाएं; स्कूल ऑनलाइन हों, कंपनियां वर्क फ्रॉम होम दें

पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। पूरी खबर पढ़ें…

