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धर्मशाला में पंजाब किंग्स-मुंबई इंडियंस का मुकाबला: हिमाचली लोक संस्कृति से होगा स्वागत, गूंजेगी हिमाचल की नाटी, देशभक्ति तराने – Dharamshala News

धर्मशाला में पंजाब किंग्स-मुंबई इंडियंस का मुकाबला:  हिमाचली लोक संस्कृति से होगा स्वागत, गूंजेगी हिमाचल की नाटी, देशभक्ति तराने – Dharamshala News

हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) के खूबसूरत स्टेडियम में गुरुवार शाम एक हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा, जहाँ पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीमें आमने-सामने होंगी। 1,457 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस मैदान पर शाम 7:30 बजे जैसे ही मैच शुरू होगा, स्टेडियम न केवल दूधिया रोशनी बल्कि हिमाचल की लोक संस्कृति के रंगों से भी सराबोर नजर आएगा। इस मैच को केवल खेल तक सीमित न रखकर इसे एक सांस्कृतिक मंच बनाने की तैयारी की गई है। एचपीसीए और पंजाब किंग्स प्रबंधन ने हिमाचल की समृद्ध विरासत को विश्व पटल पर रखने के लिए विशेष लोक संगीत का इंतजाम किया है। बुधवार को रिहर्सल के दौरान कलाकारों ने हिमाचल के प्रसिद्ध लोकगीत “ईना छःरुयों जो लिया समझाई, यो इस ग्रां देया लम्बरा हो” पर विशेष नाटी का अभ्यास किया। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को प्रदेश की परंपराओं से परिचित कराना है।
पहाड़ी और पंजाबी गानों का ‘फ्यूजन’ मैच के दौरान दर्शकों का उत्साह बढ़ाने के लिए पंजाब और हिमाचल की साझा संस्कृति को दर्शाने वाला एक अनूठा ‘फ्यूजन’ तैयार किया गया है। स्टेडियम में पहाड़ी धुनों के साथ-साथ पंजाबी गानों का मेल सुनने को मिलेगा। साथ ही, ‘भारत माता’ को समर्पित देशभक्ति गीतों की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिसकी रिहर्सल खिलाड़ियों के नेट प्रैक्टिस सत्र के दौरान ही पूरी कर ली गई। सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए मास्टर प्लान क्रिकेट प्रेमियों और पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं कि धर्मशाला और मैकलॉडगंज की ओर आने वाले वाहनों के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया गया है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। शहर के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। धौलाधार की वादियों में क्रिकेट का जुनून मैच की पूर्व संध्या पर पूरा धर्मशाला शहर उत्सव के माहौल में डूबा नजर आया। जहाँ एक ओर खिलाड़ियों ने फ्लड लाइट्स के नीचे पसीना बहाया, वहीं दूसरी ओर रंगारंग कार्यक्रमों की तैयारियों ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। आज जब धौलाधार की वादियों में बल्ला घूमेगा, तो दर्शकों को क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का एक यादगार अनुभव प्राप्त होगा।



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