पंजाब में आज से घर-घर जाकर जनगणना शुरू होगी। यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। इस दौरान घर पर आने वाले कर्मचारी आपसे आपके मकान, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवाल पूछेंगे। जबकि इससे पहले 30 अप्रैल से 14 मई तक चली ऑनलाइन स्व-गणना संपन्न हो गई है। इसमें कुल 1.5 लाख लोग शामिल हुए हैं। वहीं, जिला वाइज स्व-गणना करें तो लुधियाना राज्य में सबसे आगे रहा है। यहां लगभग 25,000 लोगों ने खुद से गिनती ऑनलाइन पूरी की है। जबकि मोहाली में लगभग 10,000 लोगों ने ऑनलाइन एंट्री की। शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में रिस्पॉन्स काफी बढ़िया रहा है। जनगणना में शामिल होने से पहले इन बातों का भी रखें ध्यान 1.जनगणना विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान आपकी तरफ से दी जाने वाली सारी जानकारी गुप्त रखी जाती है। यह डेटा किसी भी अदालत या टैक्स विभाग के साथ साझा नहीं किया जाता। 2. जानकारी देते समय आपको किसी भी सरकारी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) की हार्ड कॉपी दिखाना अनिवार्य नहीं होता। आप मौखिक रूप से भी सही जानकारी दे सकते हैं। 3. अपने घर के दरवाजे पर जानकारी देने से पहले आने वाले कर्मचारी का आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) जरूर चेक करें। जो स्वगणना में शामिल हुए, इस चीज पर ध्यान दें जिन लोगों ने स्व-गणना में हिस्सा लिया था, उनके पास 11 अंकों की एक यूनिक SE ID आई है, जो आमतौर पर ‘H’ अक्षर से शुरू होती है। यह ID आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर SMS के जरिए आई होगी। जब टीम आपके घर आए, तो उन्हें अपनी 11 अंकों की SE ID दिखाएं। इसके बाद कर्मचारी अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप में इस ID को दर्ज करके आपके द्वारा भरी गई जानकारी को स्क्रीन पर वेरीफाई (तस्दीक) करेंगे। कर्मचारी आपके घर से जुड़े कुछ अतिरिक्त भौगोलिक डेटा बिंदुओं को दर्ज करेंगे, जैसे बिल्डिंग नंबर और जनगणना मकान नंबर आदि। यह ऑनलाइन मैपिंग के सत्यापन के लिए जरूरी होते हैं। यदि स्व-गणना के बाद परिवार में कोई बदलाव हुआ है या किसी जानकारी में गलती है, तो आप प्रगणक को बताकर उसे अपडेट करवा सकते हैं।
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