सोनीपत के खरखौदा कोर्ट के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की हत्या मामले में सोनीपत पुलिस को पहली बड़ी सफलता हाथ लगी है। वारदात के दो दिन बाद स्पेशल यूनिट एंटी गैंग्सटर टीम ने हत्या की साजिश में शामिल एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान झज्जर के गांव दुबलधन माजरा निवासी सन्नी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले हमलावरों को कार उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब पुलिस फरार आरोपितों, वारदात में इस्तेमाल हथियारों और वाहन को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। शनिवार को कोर्ट परिसर के बाहर हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। पेशी के बाद कोर्ट के बाहर बरसाई थीं गोलियां जानकारी के अनुसार झज्जर के गांव दुबलधन निवासी तथा वर्तमान में गुरुग्राम में रह रहे हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया शनिवार को अपनी पत्नी द्वारा दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले में पेशी पर खरखौदा न्यायालय पहुंचे थे। पेशी पूरी होने के बाद जैसे ही वह अदालत परिसर से बाहर निकले, तभी लघु सचिवालय गेट के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
बताया गया है कि ब्रेजा कार में आए हमलावरों ने पहले नीरज को कार से टक्कर मारी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल नीरज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। भाई की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हत्या के बाद मृतक के भाई सत्यवान ने थाना खरखौदा में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गांव के तीन युवकों अमन, साहिल और आर्यन समेत नीरज की पत्नी, उसके भाई तथा अमित और विकास नामक दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत में पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया है। पुलिस शुरू से ही इस एंगल पर जांच कर रही थी कि वारदात पूरी योजना बनाकर अंजाम दी गई है। एंटी गैंग्सटर टीम को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सोनीपत पुलिस की स्पेशल यूनिट एंटी गैंग्सटर टीम को सौंपी गई थी। टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को आरोपी सन्नी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सन्नी ने वारदात में शामिल आरोपितों को वाहन उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कहां रची गई थी तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। पांच दिन के रिमांड पर लिया गया आरोपी गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार, वाहन और फरार आरोपितों के ठिकानों के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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