सीकर में सांसद, विधायकों और कलेक्टर की मौजूदगी में हुई बैठक में एयर कंडीशनर (AC) नहीं चला। इस बीच सभी सदस्यों को गर्मी लगने लगी तो कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुटकी लेते हुए कहा लगता है कि कलेक्टर हमें जल्दी रवाना करना चाहते हैं। सीकर के कलेक्ट्रेट सभागाार में दिशा (जिला विकास समन्वय व निगरानी समिति) की बुधवार को बैठक हुई। इसमें 1 सांसद, 5 विधायक, कलेक्टर, ASP समेत कई सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में पुरानी टूटी सड़कों से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अफसरों की कार्यशैली पर नाराज हुए जनप्रतिनिधि सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीकर सांसद अमराराम ने की। बैठक में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। डोटासरा बोले- पिछली बैठक के मुद्दों पर नहीं हुई कार्रवाई बैठक के दौरान पीसीसी चीफ और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा और सांसद अमराराम ने कई विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई। डोटासरा ने कहा- पिछली दिशा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा- जब अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते तो जनप्रतिनिधियों को क्या समझेंगे। बैठक में कई विभागों के अधिकारी बिना तैयारी के पहुंचे। इस पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और जवाबों को असंतोषजनक बताया। वहीं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने सभी अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, खंडेला विधायक सुभाष मील, नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही एडीशनल एसपी तेजपाल सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। पीसीसी चीफ व लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 10 महीने पहले हुई दिशा बैठक में जिन समस्याओं और प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी, उनकी पालना रिपोर्ट तक अधिकारी सही तरीके से प्रजेंट नहीं कर पाए। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई बजट घोषणाओं की टाइमलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग अब तक काम पूरे नहीं कर पाए हैं। नई बजट घोषणाओं पर भी काम शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि सीकर जिले में पेयजल संकट गंभीर स्थिति में है, लेकिन उसके समाधान के लिए कोई ठोस रोडमैप या स्वीकृतियां नजर नहीं आ रही हैं। विधायक और सांसद कोटे के काम भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। डोटासरा ने अधिकारियों पर बिना तैयारी बैठक में आने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल देख लेंगे और करवा देंगे जैसे जवाब दिए जा रहे हैं, जबकि कई काम 10-10 महीने से लंबित पड़े हैं। डोटासरा ने कहा कि आज सीकर जिले में बिजली, पानी, चिकित्सा, सड़क सहित लगभग हर विभाग की स्थिति खराब है। नीमकाथाना जिला अस्पताल करीब एक साल से केवल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है, इस वजह से अस्पताल तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं किया जा रहा।प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है और आमजन परेशान है। आज सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाई हैं। सांसद अमराराम ने भरोसा दिलाया है कि आगामी 3 माह बाद होने वाली बैठक से पहले अधिकांश समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। सांसद अमराराम ने जिले में पेयजल संकट को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 से चूरू और झुंझुनूं क्षेत्र की पेयजल योजनाओं पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन की कई स्वीकृतियां वर्ष 2028 तक की हैं, लेकिन धरातल पर काम बेहद धीरे चल रहा है। सीकर जिले में बड़ी संख्या में ट्यूबवेल खोदे गए, लेकिन अब तक केवल 6 ट्यूबवेलों के कनेक्शन ही हो पाए हैं। मनरेगा और सांसद निधि के कामों की स्वीकृति महीनों पहले होने के बावजूद जनता को लाभ नहीं मिल रहा है। प्रदेश सरकार योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट जारी नहीं कर रही और केवल जांच के नाम पर काम चलाया जा रहा है। खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि आज की मीटिंग में बिजली-पानी-सड़क और चिकित्सा के क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावाें पर काम शुरू होंगे। प्रदेश सरकार की योजनाएं आम जनकल्याण के लिए कटिबद्ध हैं। विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी मीटिंग में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं। बिना किसी भेदभाव के समग्र विकास का काम किया जाएगा। नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने DMFT का बजट जारी करने पर अनावश्यक रूप से रोक लगा दी है, जबकि DMFT के बजट पर राज्य सरकार की कोई स्वीकृति की जरूरत नहीं होती है। पिछले डेढ़ साल से DMFT का कोई काम नहीं हुआ है। जहां खनन होगा वहां अवैध खनन होगा। वैध खनन को प्रोत्साहित नहीं करोगे तो अवैध खनन बढ़ेगा। भूख लगने पर रोटी नहीं दोगे तो दूसरे तरीके से भूख मिटाई जाएगी। मकान बनाते समय बजरी की जरूरत होती है। बजरी की लीज नहीं होगी तो अवैध खनन बढ़ेगा, जिससे जनता पर रॉयल्टी की मार पड़ेगी। फतेहपुर विधायक हाकम अली ने कहा कि आज की मीटिंग में कोई भी अधिकारी संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। 10 महीने पहले हुई दिशा की बैठक के मुद्दों का अधिकारी जवाब नहीं दे सके। 5 साल पहले कांग्रेस के शासन में जो सड़कें बनी थीं, वह पूरी तरह टूट चुकी है। यहां तक कि MLA फंड के पैसे का काम भी नहीं हो रहा है। कुछ सड़कों के ठेकेदार भाग गए, पहले अधिकारी से ठेकेदार डरते थे अब उल्टा हो रहा है ठेकेदार अधिकारियों पर हावी हो रहे हैं।
Source link
