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ग्वालियर की ‘लाइफलाइन’ पर लापरवाही का पहरा: सर्दियों में पानी बचाया नहीं, अब तपती गर्मियों में पेजयल संकट की आहट – Gwalior News

ग्वालियर की ‘लाइफलाइन’ पर लापरवाही का पहरा:  सर्दियों में पानी बचाया नहीं, अब तपती गर्मियों में पेजयल संकट की आहट – Gwalior News

शहर की प्यास बुझाने का एकमात्र जरिया तिघरा बांध है, जिसे हम सब इस शहर की ‘लाइफलाइन’ कहते हैं। ऊपर के बांधों में भी पेयजल सप्लाई के लिए पानी की निश्चित मात्रा में संग्रहित किया जाता है। लेकिन जैसे-जैसे शहर का दायरा बढ़ रहा है, आबादी और संसाधनों के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में गर्मियों के चार महीनों में जनता को पानी के संकट से बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसका एकमात्र समाधान है- दूरदर्शिता और सटीक वॉटर मैनेजमेंट प्लान। बरसात के बाद बांधों में जो पानी जमा होता है, उसे भविष्य की जरूरत के हिसाब से सहेजना बेहद जरूरी है। वर्ष 2024 में शहर को पानी के संकट से बचाने के लिए पहली बार एक बेहतरीन ‘वॉटर मैनेजमेंट प्लान’ बनाया गया था। तब तत्कालीन निगम आयुक्त अमन वैष्णव ने इसे लागू भी किया था। इसी का नतीजा था कि साल 2025 की भीषण गर्मी में भी पूरे शहर को नियमित और भरपूर पानी की सप्लाई संभव हो सकी थी। लेकिन इस बार नगर निगम के जिम्मेदारों और पार्षदों ने इस सफल फॉर्मूले को कचरे के डिब्बे में डाल दिया, जिसका खामियाजा अब शहर की जनता भुगतने जा रही है। भास्कर एक्सपर्ट – हेमंत खरे , सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन विभाग क्या था वो ‘सुपरहिट’ एक्सपर्ट प्लान, जिससे बच सकता था डेढ़ महीने का पानी? तिघरा का हाल: बज चुकी खतरे की घंटी मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में ग्वालियर में रिकॉर्ड बारिश हुई थी, जिससे तिघरा फुल था। लेकिन इस साल बारिश कम होने की संभावना है। आज का लेवल: 727.1 फीट (2010 mcft)
फुल लेवल: 740 फीट (4620 mcft) सर्दियों में 1 दिन छोड़कर पानी देना था… सर्दियो में पूर्व वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यदि एक दिन छोड़कर पानी प्रदाय किया जाता तो लगभग एक से डेढ़ माह का पानी गर्मियों में नियमित सप्लाई के लिए बचाया जा सकता था।
-पंकज सेंगर, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग जल संसाधन विभाग के साथ निर्णय लेंगे तिघरा में वर्तमान में पानी की उपलब्धता और बारिश की संभावना को देखते हुए जुलाई से एक दिन छोड़कर सप्लाई का निर्णय लिया है। जून में जल संसाधन विभाग के साथ समीक्षा कर निर्णय लेंगे। -संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम



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