रेगिस्तानी बाड़मेर में एक बार फिर गर्मी तेज हो गई। तापमान 45 डिग्री के आसपास चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए हॉस्पिटल प्रशासन अलर्ट मोड पर है। हॉस्पिटल में हिटवेव के चलते वार्ड को रिजर्व रखने के साथ सभी वार्डो में कुलिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं इमरजेंसी के आगे स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया है जो पाइप के जरिए पानी का छिड़काव कर तापमान में को कम कर रहा है। इधर मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटे तक गर्मी बढ़ने के साथ तापमान 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। बाड़मेर गुरुवार का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह तापमान सामान्य से अधिक है। आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं न्यूनतम तापमान भी 28.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दरअसल, बाड़मेर में गर्मी के के कारण पिछले 24 घंटों में तापमान में हुई बढ़ोतरी ने न केवल दिन के चैन को छीना है, बल्कि अब रातों में भी सुकून नहीं है। आलम यह है कि दोपहर होते-होते शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग गर्मी से बचने का जतन करते नजर आते हैं। हीटवेव को चलते वार्ड रिजर्व पीएमओ डॉ. हनुमान चौधरी ने बताया- हीटवेव को लेकर दो वार्डो में डेडिकेटेड बैड को रिजर्व किया गया है। एक के अंदर 8 बेड है वहां दो टन के दो एसी लगा रखे है। साथ में बाहर कूलर लगा रखा है। इसके अलावा ओआरएस पैकेट भी लगाए है। गर्मी को लेकर दवाईयां रखवाई गई है। मरीज आने से पहले थैरेपी के लिए व्यवस्था की गई है। बाकी सभी वार्डो में एक-एक बैड का रिजर्व किया हुआ है। जो वार्ड में वातानुकूलित नहीं है वहां पर कूलर रखा है। उसमें पानी भरने की भी व्यवस्था की गई है। जिस वार्डो में एससी लगी है वो सभी चल रही है। जहां पर गैलेरी है वहां पर कूलर लगा रखे है। इमरजेंसी के बाहर स्प्रिंकलर कूलिंग सिस्टम पीएमओ ने कहा- इमरजेंसी के बाहर स्प्रिंकलर कूलिंग सिस्टम लगा रखा है। जो कि फोगिंग की तरह काम करता है। वहीं उसमें कूलर की व्यवस्था कर रखी है। वहीं इमरजेंसी के आगे ठंडे पानी की भी व्यवस्था कर रखी है। जहां हमने कूलर के साथ-साथ कूलिंग फायर भी लगा रखा है। ताकि यहां पर कोई मरीज आता है तो उनको ठंडा और शीतल भी उपलब्ध रहे। हॉस्पिटल में अलग-अलग जगह ओआरएस जगह-जगह रखे हुए है। पारा 46 डिग्री पहुंचने की संभावना मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव न होने के कारण फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। आगामी 48 घंटों के दौरान पारा 46 डिग्री के पार जा सकता है। सीमावर्ती इलाकों में धूलभरी हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। जिससे दृश्यता कम हो सकती है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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