हनुमानगढ़ जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों, व्यापारियों और मंडी श्रमिकों ने खरीद सीमा बढ़ाने, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने और खरीद अवधि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को मंडियां बंद रखने का ऐलान किया है। वहीं विभिन्न किसान संगठनों और माकपा ने जिले के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क जाम की चेतावनी भी दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मौजूदा खरीद व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज एमएसपी पर बेचने से वंचित रह सकते हैं। आंदोलन ने पकड़ा जोर, आज बंद रहेंगी मंडियां गेहूं खरीद को लेकर जिले में आंदोलन अब तेज होता नजर आ रहा है। किसानों, व्यापारियों और मंडी श्रमिकों ने शुक्रवार को मंडियों में खरीद बंद रखने की घोषणा की है। इसके साथ ही माकपा और अन्य संगठनों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की चेतावनी दी है। इनमें श्रीगंगानगर, सूरतगढ़ और संगरिया रोड जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। लक्ष्य बढ़ने के बाद भी किसानों की चिंता बरकरार जिले में करीब 7.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बाद में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों के लिए एक लाख हेक्टेयर गेहूं खरीद लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई। हालांकि इसके बावजूद किसान और व्यापारी संगठनों को आशंका है कि जिले में उत्पादित होने वाले कुल गेहूं की तुलना में यह लक्ष्य पर्याप्त नहीं है और आधे से अधिक गेहूं एमएसपी पर बिकने से वंचित रह सकता है। खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल व्यापारी नेताओं का कहना है कि वे लगातार खरीद सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार खरीद व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। मंडियों में किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि स्लॉट सिस्टम के कारण छोटे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी पोर्टल के आंकड़े भी बता रहे स्थिति कृषि उपज खरीद के लिए बनाए गए सीएफपीपी पोर्टल के अनुसार जिले में अब तक 78,600 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 38,773 किसानों से ही गेहूं खरीदा जा सका है। पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार हनुमानगढ़ जिले में अब तक कुल 5,05,626 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि 28,822 किसानों को भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़े गुरुवार सुबह अपडेट किए गए थे। सरकारी पोर्टल के अनुसार भी लक्ष्य के मुकाबले अभी तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद लंबित है। हालांकि व्यापारिक और किसान संगठनों का मानना है कि जिले के कुल उत्पादन को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य पहले से ही कम रखा गया है। गोलूवाला में व्यापारियों की बैठक, ज्ञापन सौंपा गेहूं खरीद के मुद्दे को लेकर गोलूवाला धान मंडी में व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय सिंह पूनिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि जिले के गेहूं उत्पादन की तुलना में वर्तमान खरीद लक्ष्य बेहद कम है। बैठक में बारदाने की कमी और गोदामों की समस्या पर भी चर्चा की गई। इसके बाद व्यापारियों ने पैदल मार्च निकालते हुए उपतहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़ाने, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने, अतिरिक्त गोदाम खोलने और खरीद अवधि 30 जून तक बढ़ाने की मांग रखी गई। किसानों की चिंता बढ़ी किसानों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते खरीद लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी होगी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है और आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
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