जोधपुर में एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। जिले के एक थाना इलाके की कच्ची बस्ती में रहने वाले निजी बैंक के चपरासी ने अपने ही घर के सामने रहने वाली 10 साल की मासूम से गलत हरकतें की। दरिंदे की इस करतूत से बच्ची घायल हो गई। मामले में पुलिस ने रेप और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने वाले पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले की जांच एडीसीपी (सिकाऊ) शुभकरण कर रहे हैं। बहला-फुसलाकर कमरे में ले गया, बच्ची के रोने पर भागा एडीसीपी ने बताया – घटना चार-पांच दिन पहले की है। आरोपी पड़ोसी ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची को अकेला पाकर बहला-फुसला लिया और उसे अपने कमरे में ले गया। वहां उसने बच्ची के निजी अंगों के साथ छेड़खानी की और ज्यादती का प्रयास किया। इस दौरान रक्तस्राव और तेज दर्द के कारण जब बच्ची जोर-जोर से रोने लगी, तो आरोपी घबरा गया। वह बच्ची को उसी हालत में छोड़कर मौके से भाग निकला। रोते हुए घर पहुंची मासूम, परिजनों ने दर्ज कराया केस बदमाश के चुंगल से छूटने के बाद मासूम बच्ची रोते-बिलखते हुए अपने घर पहुंची। उसने अपने परिजनों को पड़ोसी की इस खौफनाक हरकत की पूरी जानकारी दी। घटना का पता चलने के बाद परिजन बच्ची को लेकर तुरंत हॉस्पिटल ले गए। बुधवार को वे पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को ही बच्ची का मेडिकल परीक्षण और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाए। इसके बाद जांच अधिकारी एडीसीपी शुभकरण ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का मौका मुआयना किया। शुरुआत में आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे समय रहते हिरासत में ले लिया था। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे आगे की पूछताछ कर रही है। पहले भी कर चुका है गंदी हरकतें, बस्ती में रहता था खौफ पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में आरोपी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी एक निजी बैंक में चपरासी के पद पर कार्यरत है। जिस कच्ची बस्ती में वह रहता है, वहां इससे पहले भी वह इसी तरह की घिनौनी हरकतें कर चुका है। हालांकि, उस वक्त उसके परिजनों ने सामाजिक स्तर पर दबाव बनाकर और धमकियां देकर मामले को रफा-दफा करवा दिया था, जिसके कारण पुलिस तक शिकायत नहीं पहुंच पाई थी। इस बार पुलिस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
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