झारखंड प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक (निबंधन और कल्याण) विधेयक-2025 को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मंजूरी दे दी। विधानसभा के मानसून सत्र में पारित कराकर इस विधेयक को मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा गया था। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही अब य
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अधिनियम बनने के बाद क्या होगा? -पहले नियमावली बनेगी। गिग वर्कर्स की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड और कल्याण कोष बनेगा। यह बोर्ड ही गिग वर्कर्स के लिए लाभ, योजनाएं व सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा।
प्रतिष्ठान इनसे कैसे काम लेगा? -गिग वर्कर्स की सेवा लेने वाले प्रतिष्ठान पहले उनका रजिस्ट्रेशन कराएंगे, तभी काम ले सकेंगे। यह रजिस्ट्रेशन निबंधन बोर्ड के माध्यम से होगा। प्रतिष्ठानों को उचित पारिश्रमिक, व्यावसायिक सुरक्षा और पारदर्शिता को अनिवार्य करना होगा। पंजीकरण, कल्याण योजना निर्माण और निगरानी का जिम्मा बोर्ड का होगा। एग्रीगेटर को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1 से 2% बोर्ड में जमा करना होगा। अनुदान, सीएसआर फंड और दान के माध्यम से भी पैसा बोर्ड को मिलेगा। इन पैसों से गिग वर्कर्स एवं उनके परिजनों का बीमा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा के लिए भी मदद मिलेगी।
