फरीदकोट में हुए एनकाउंटर के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
फरीदकोट पुलिस को रंगदारी और फायरिंग के एक मामले में बंबीहा गैंग से जुड़े एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया है। घटना में एक बदमाश जख्मी हुआ है। आरोपी ने पुलिस टीम को बरामदगी के दौरान निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह घायल
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एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा- जुलाई माह में कोटकपूरा क्षेत्र में गैंग से जुड़े बदमाशों ने एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब रकम नहीं मिली तो 1 सितंबर की रात उसके घर के बाहर फायरिंग की गई। इस संबंध में थाना सिटी कोटकपूरा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
फरीदकोट जेल से गैंगस्टर को प्रोडक्शन वारंट पर लाई
जांच के दौरान तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 7 सितंबर को मोगा निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें संदीप सिंह उर्फ लवली और रामजोत सिंह उर्फ जोत शामिल है।
बदमाशों की पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह कार्रवाई गैंगस्टर सिम्मा बहिबल और जस्स बहिबल के इशारे पर की गई थी। वहीं, घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार मलकीत सिंह ने उपलब्ध कराए थे, जिसे फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया।
पहले भी दर्ज थे आरोपी पर केस
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी रामजोत ने माना था कि उसने वारदात में इस्तेमाल की गई .32 बोर की पिस्टल को ढिल्लवां-सिवियां रोड पर छिपा रखा है। जब पुलिस उसे बरामदगी के लिए वहां ले गई, तो उसने अचानक भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। इस पर पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया और गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके से पुलिस ने पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामजोत पहले भी नशा तस्करी और आर्म्स एक्ट सहित तीन गंभीर मामलों में नामजद रह चुका है। मलकीत सिंह के खिलाफ पांच और संदीप सिंह के खिलाफ एक मामला पहले से दर्ज है।
