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जालंधर में पूर्व मंत्री के घर ग्रेनेड अटैक केस: मोहाली एनआईए की स्पेशल कोर्ट में आज सुनवाई; दोषियों पर हो सकते हैं चार्जेस फ्रेम – Chandigarh News

जालंधर में पूर्व मंत्री के घर ग्रेनेड अटैक केस:  मोहाली एनआईए की स्पेशल कोर्ट में आज सुनवाई; दोषियों पर हो सकते हैं चार्जेस फ्रेम – Chandigarh News


पंजाब के पूर्व मंत्री के घर हुए ग्रेनेड हमला। (फाइल फोटो)

जालंधर में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड फेंकने के मामले की आज मोहाली स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान जहां आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हो सकते हैं, वहीं दो लोगों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। इ

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जिस पर भी फैसला हो सकता है। इस मामले में एनआईए ने यूएपीए एक्ट की धारा 16, 17, 18, 18(बी), 19, 20, 38 और 39 के तहत कार्रवाई की है, जबकि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 6 भी जोड़ी गई है।

रात को 1 बजे हुआ था अटैक

जानकारी के मुताबिक, 7 और 8 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 1 बजे कुछ लोगों ने जालंधर में पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर के बाहर ग्रेनेड फेंका था। ग्रेनेड मुख्य द्वार के पास गिरा, जिससे गेट और अंदर खड़ी इनोवा कार को नुकसान पहुंचा। इस संबंध में संबंधित थाना पुलिस ने बनती आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया।

जांच में खुलासा हुआ है कि कुलबीर सिंह, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का सदस्य है, ने अपने साथी मनीष उर्फ काका राणा के साथ मिलकर पंजाब के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रची थी।

कुलबीर सिंह और मनीष ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लिए फंड जुटाने व डर फैलाने के लिए गिरोह बनाया। मनीष ने सैदुल अमीन को गैंग में जोड़ा, जिसने ग्रेनेड फेंका। हथियार कुलबीर ने दिए, फंडिंग अभिजोत जांगड़ा ने की। हमले के बाद कुलबीर ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली। उस पर रेड कॉर्नर नोटिस है और 10 लाख का इनाम घोषित है।

पहले पंजाब पुलिस ने दर्ज किया था केस

मामले की शुरुआती जांच पंजाब पुलिस ने की थी, जिसमें छह लोगों को नामजद किया गया था। बाद में एनआईए ने मामला अपने हाथ में लिया और जांच के बाद सैदुल अमीन, अभिजोत जांगड़ा, कुलबीर सिंह सिद्धू और मनीष उर्फ काका राणा के खिलाफ आठ अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल की थी।

वहीं, सतीश कुमार उर्फ लक्की और हैरी के खिलाफ जांच के दौरान कोई पुख्ता सबूत न मिलने पर एनआईए ने उनके संबंध में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपियों को 8 अप्रैल को जालंधर से गिरफ्तार किया गया था ।



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