जींद के गांव दबलैन में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग मियाराम का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उनका इलाज हिसार के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। पुलिस ने मृतक के बेटे सूर्य प्रकाश की शिकायत पर दो चचेरे भाइयों, बलिंद्र उर्फ घोड़ा और यादविंद्र के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद जमीन को ठेके पर देने और पुराने पारिवारिक मनमुटाव से जुड़ा है। मृतक मियाराम के भतीजे बलिंद्र ने उनके हिस्से की जमीन ठेके पर लेने की बात कही थी, जिस पर मियाराम ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे पहले के पैसे नहीं देते, इसलिए अब और जमीन ठेके पर नहीं देंगे। करीब एक साल पहले भी साझा खेवट को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी, जिसमें आरोपियों ने बुजुर्ग को धमकी दी थी। हालांकि, उस समय समझौता हो गया था। घटना 23 फरवरी की है। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब मियाराम अपनी भैंसों को पानी पिलाने तालाब पर जा रहे थे, तभी गली में बलिंद्र और यादविंद्र ने उन्हें घेर लिया। दोनों ने बुजुर्ग पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मृतक के बेटे सूर्य प्रकाश, जो बीडीपीओ कार्यालय में कार्यरत हैं, ने बताया कि हमले के बाद उनके पिता घर पहुंचे और सीने व पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उन्हें पहले नरवाना अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण जींद और फिर रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
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