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सोनीपत जिले के एक गांव के पूर्व सरपंच ने पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि ब्याज पर पैसे देने वाले एक फाइनेंसर ने धोखे से उनके परिवार की करीब चार एकड़ जमीन अपने नाम करवा ली। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे मूल रकम और ब्याज सहित पूरा पैसा लौटाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी जमीन वापस नहीं की जा रही। परिवार का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से पंचायतों और रिश्तेदारों के माध्यम से मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। न्याय न मिलने से परेशान परिवार ने अब आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 2010 में घरेलू जरूरत के लिए लिया गया था कर्ज शिकायत में पूर्व सरपंच पदम राणा ने बताया कि वर्ष 2010 के आसपास उनके बड़े भाई वीरेंद्र को घरेलू जरूरतों के कारण करीब 16 लाख रुपये की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनके दामाद जटवाड़ा निवासी संदीप ने अपने रिश्तेदार पवन के माध्यम से उनकी मुलाकात प्रेम नाम के व्यक्ति से करवाई, जो ब्याज पर पैसे देने का काम करता है।
दो एकड़ जमीन गिरवी रखकर 16 लाख देने की हुई थी बात
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि प्रेम ने 16 लाख रुपये देने की बात कही और इसके बदले दो एकड़ जमीन गिरवी रखने की शर्त रखी। पारिवारिक मजबूरी के चलते उन्होंने अपनी मां शांति देवी के हिस्से की दो एकड़ जमीन प्रेम और उसके परिजनों के नाम रहन रख दी।आरोप है कि तय रकम देने के बजाय प्रेम ने केवल 12 लाख रुपये ही दिए और भरोसा दिलाया कि रकम व ब्याज लौटाने पर जमीन वापस कर दी जाएगी। दोबारा पैसे की जरूरत पड़ने पर कराया दो एकड़ का बैनामा
परिवार का आरोप है कि बाद में जब उन्हें दोबारा पैसों की जरूरत पड़ी तो प्रेम ने पहले से गिरवी जमीन छोड़ने के लिए दो एकड़ जमीन का बैनामा कराने की शर्त रख दी। मजबूरी में वीरेंद्र ने अपनी दो एकड़ जमीन का बैनामा प्रेम और उसके परिजनों के नाम कर दिया।
पूरी रकम लौटाने पर भी जमीन वापस नहीं करने का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने ब्याज सहित पूरी रकम लौटाने की कोशिश की तो आरोपी ने पैसे लेने से ही इनकार कर दिया। परिवार का आरोप है कि लगभग 28 लाख रुपये के लेन-देन के बदले आरोपी चार एकड़ जमीन, एक एकड़ अतिरिक्त जमीन और करीब 50 लाख रुपये तक ले चुका है।
नौ वर्षों से पंचायतों में चल रहा विवाद
परिवार के अनुसार पिछले करीब नौ वर्षों से पंचायतों और रिश्तेदारों के माध्यम से समझौते की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। पीड़ितों का कहना है कि जमीन वापस न मिलने से उनका परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी
पूर्व सरपंच पदम राणा ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जमीन वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे परिवार सहित आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और आरोपी पक्ष की होगी।
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