हापुड़ में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्कीम नंबर-02 के तहत जिले के सभी अग्निशमन केंद्र इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। वही लोगों को आग से बचाव को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। सीएफओ अजय शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षिक संस्थानों में लगातार फायर ऑडिट किए जा रहे हैं। इस दौरान अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की जा रही है। जहां भी कमियां पाई जा रही हैं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। ईवैक्युएशन ड्रिल आयोजित साथ ही, इन संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रम और ईवैक्युएशन ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के तरीके सिखाना है। शुक्रवार को अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय उत्तर प्रदेश के निर्देशों का पालन करते हुए जनपद हापुड़ के फायर स्टेशन गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा और हापुड़ पर लैडर ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अग्निशमन और रेस्क्यू उपकरणों की साफ-सफाई कर उनकी कार्यशीलता भी जांची गई, ताकि आपात स्थिति में कोई बाधा न आए। सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय अग्निशमन विभाग भवनों में पर्याप्त निकास मार्ग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रहा है। संस्थानों के प्रबंधन को सभी अग्नि सुरक्षा उपायों को स्थापित करने और उन्हें नियमित रूप से कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता से कार्य करने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय भी बताए गए। संपत्ति के नुकसान को रोकना सीएफओ अजय शर्मा ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी अग्निशमन केंद्र को सूचना दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
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