पंचकूला के रायपुररानी थाना में धोखाधड़ी और साजिश के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोहलीदार/मुआफीदार जमीन को गैर कानूनी तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री करवा लिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर IPC की धारा 406, 420 और 120-B के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नारायणगढ़ निवासी राकेश शर्मा ने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को दी शिकायत में बताया कि उनके परदादा स्वर्गीय हरीराम को वर्ष 1948 और 1950 में रायपुररानी के राजा राव पृथी सिंह द्वारा खसरा नंबर 55//8/1, 8/2, 9/1 की करीब 7 कनाल 14 मरले जमीन बतौर मुआफीदार/दोहलीदार दी गई थी। इसके संबंध में इंतकाल नंबर 953 और 979 भी मंजूरशुदा हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इंतकाल में साफ लिखा गया था कि यह जमीन नस्ल दर नस्ल हरीराम और उनके वारिसों के पास रहेगी तथा राजा राव पृथी सिंह के वारिस इसे वापस नहीं ले सकेंगे। 99 साल के पट्टे पर थी जमीन
शिकायत में कहा गया कि परिवार के हिस्से की कुछ जमीन वर्ष 1990 और 1994 में आरोपी रामपाल को 99 साल के पट्टे/चकौते पर दी गई थी। आरोप है कि पट्टे पर जमीन लेने के बाद रामपाल ने नागेंद्र सिंह के साथ मिलीभगत कर उसी जमीन की 2 कनाल 13 मरले की रजिस्ट्री वर्ष 2017 में अपने नाम करवा ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रजिस्ट्री में उनकी दोहलीदार जमीन के खसरा नंबर शामिल किए गए और यह सब धोखाधड़ी से किया गया। बिना पट्टा कैंसिल हुए, नहीं हो सकती रजिस्ट्री
राकेश शर्मा ने शिकायत में यह भी कहा कि जब तक पट्टानामा या चकौतानामा रद्द नहीं होता, तब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसके बावजूद गैर कानूनी तरीके से जमीन अपने नाम करवा ली गई और परिवार को जमीन से वंचित कर दिया गया। डीसीपी कार्यालय से जांच के बाद मामला रायपुररानी थाना भेजा गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आरोपों के आधार पर केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह को सौंपी गई है।
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