कटनी जिले से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक अधिवक्ता तत्कालीन एसडीएम विनकी उइके को कथित तौर पर जातिगत टिप्पणी करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में अधिवक्ता एसडीएम से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “आदिवासी महिला हो, कायदे में रहना होगा।” यह वीडियो आज शनिवार को सामने आया है। हालांकि घटना साल पुरानी बताई जा रही है। दरअसल, घटना के समय विनकी उइके ढीमरखेड़ा की एसडीएम के पद पर कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार, एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता जयप्रकाश शुक्ला और एसडीएम के बीच विवाद हुआ था। महिला एसडीएम को दी थी मारने की धमकी विवाद के बाद अधिवक्ता ने कोर्ट परिसर के बाहर एसडीएम का नाम लेकर उन्हें कथित तौर पर मारने की धमकी दी और जातिगत अपमानजनक टिप्पणी की। इस पूरी घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर एसडीएम को सौंप दिया था। वीडियो सामने आने के बाद, तत्कालीन एसडीएम विनकी उइके ने अधिवक्ता को अपने चैंबर में बुलाकर फटकार लगाई थी। उन्होंने अधिवक्ता से इस टिप्पणी का कारण पूछा था, जिसके बाद अधिवक्ता ने सामूहिक रूप से क्षमा याचना की थी। महिला अधिकारी बोलीं-ये वीडियो एक साल पुराना वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत विनकी उइके ने पुष्टि की है कि यह वीडियो पुराना है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इसे किसने रिकॉर्ड किया या अब कौन इसे वायरल कर रहा है। अगर मुझे आवश्यकता महसूस हुई तो मैं खुद एफआईआर दर्ज कराऊंगी। फिलहाल मुझे इस विषय पर अधिक कुछ नहीं कहना है।” वकील बोले-हमारे बीच समझौता हो गया था दूसरी ओर, अधिवक्ता जयप्रकाश शुक्ला ने इस मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने संक्षिप्त में बताया कि यह मामला अब पुराना हो चुका है और उनके बीच आपसी समझौता हो गया है। इसलिए अब इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है। भले ही दोनों पक्ष इसे पुराना मामला’ बताकर शांत रहने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लोग महिला अधिकारी के प्रति की गई टिप्पणी को लेकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला अधिकारी के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान के दावों पर सवाल खड़े करता है।
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