किशनगंज नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने बुधवार शाम एक प्रेस वार्ता में आरटीआई और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन्हें भयादोहन के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पासवान ने आरोप लगाया कि नगर परिषद को बदनाम करने और दबाव बनाने के लिए आरटीआई के नाम पर फर्जी लोग और सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि नगर परिषद में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वे सीधे उन्हें सूचित करें, जिस पर वे स्वयं कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। डंपिंग यार्ड के लिए एक भूखंड खरीदा गया
अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल के चौथे वर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि शहर की जनता उनके चार साल के कार्यों और पिछले 20 सालों के कार्यों के बीच का अंतर जानती है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल से पहले नगर परिषद में डंपिंग यार्ड के लिए एक भूखंड खरीदा गया था। पासवान के अनुसार, यह भूखंड 1 करोड़ 30 लाख रुपये में खरीदा गया था, लेकिन खरीदी गई जमीन का पूरा हिस्सा आज तक उस स्थल पर मौजूद नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के कई लोग शामिल हैं, जिनमें वर्तमान और पूर्व बोर्ड के सदस्य भी शामिल हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी सूचित कर दिया गया है और यह मामला जांच का विषय है। नगर परिषद को गुमराह करने का प्रयास करेगा
इंद्रदेव पासवान ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बिना ठोस सबूत के नगर परिषद को गुमराह करने का प्रयास करेगा, तो नगर परिषद भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि भयादोहन करने वाले और आरटीआई तथा पत्रकारिता के नाम पर डराने वाले ऐसे लोगों को न केवल वे, बल्कि शहर के लोग भी जवाब देंगे।
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