मध्य प्रदेश के देवास के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह 11.30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के 3 मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआत में 8-10 लोगों की मौत की जानकारी आई थी। हादसे में कुल 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें 13 गंभीर घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। हादसे में कई लोग बुरी तरह झुलस गए और तीन महिलाएं अब भी लापता बताई जा रही हैं। फैक्ट्री में करीब 200 से ज्यादा महिलाएं काम करती थीं। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने घटना को लेकर X पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा- जिले के प्रभारी और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। घटना की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। दो केमिकल को मिलाकर बारूद बनाया जा रहा था मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि दो केमिकल मिलाकर बारूद बनाया जा रहा था। इसी दौरान केमिकल की मात्रा सही नहीं मिलने से ब्लास्ट हो गया। लोगों के अनुसार, जहां विस्फोट हुआ वहां 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। लंच से करीब 15 से 20 मिनट पहले ही फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया। लोगों ने बताया कि कर्मचारियों का खाना भी आ चुका था, लेकिन हादसे के बाद लोग खाना छोड़कर जान बचाने के लिए भागे। आरोप- अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं की घटना के बाद ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव कर आरोप लगाया कि अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में करीब 400 से 500 लोग काम करते हैं। फैक्ट्री में पुरुष मजदूरों को 400 रुपये और महिला मजदूरों को ढाई सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती थी। भुगतान हर हफ्ते किया जाता था। देखिए हादसे की 6 तस्वीरें… मार्च में भी हुआ था ब्लास्ट… खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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