हरियाणा के पंचकूला में एक पिता पर अपनी बेटी के साथ बचपन से लेकर अब तक शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपी पिता को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। कालका निवासी 18 वर्षीय पीड़िता ने महिला प्रकोष्ठ/थाना कालका में दी शिकायत में बताया कि जब वह महज 7 वर्ष की थी, तभी से उसका पिता शराब के नशे में उसके साथ गलत हरकतें करता आ रहा था। पीड़िता की मां जब अपनी ड्यूटी पर चली जाती थीं, तब दिन के समय आरोपी पिता द्वारा उसका यौन शोषण और दुर्व्यवहार किया जाता था। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट, गाली-गलौज की जाती थी और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।
9वीं कक्षा में प्रेग्नेंट किया पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक और खुलासा करते हुए बताया कि जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी, तब आरोपी की हरकतों की वजह से वह गर्भवती हो गई थी। उस दौरान भी आरोपी पिता ने उसे कोई दवाई खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया था। बीते शुक्रवार को भी सुबह लगभग 10 बजे आरोपी ने घर आकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती की और हमेशा की तरह धमकी दी। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी।
मामला दर्ज कर मेडिकल करवाया पीड़िता की इस गंभीर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कालका थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनसा राम के नेतृत्व में आरोपी पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता धारा 64(2)(M), 115(2), 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। शुरुआती जांच महिला पीएसआई रीतु द्वारा की गई, जिन्होंने पीड़िता का सरकारी अस्पताल सेक्टर-06, पंचकूला से शारीरिक परीक्षण करवाया गया और आवश्यक साक्ष्य बरामद किए गए।
पीड़िता की काउंसिलिंग के बाद बयान एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पीड़िता की उचित काउंसिलिंग करवाई गई और कोर्ट के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज करवाए गए। 12 मई 2026 को इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का भी मेडिकल परीक्षण करवाया गया है।
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