सिरसा जिले के डबवाली के पशु व्यापारी और दूध विक्रेता विनोद ग्रोवर (51) का शव राजस्थान के जैसलमेर जिले में नाचना हेड के पास मिला है। विनोद ने 17 मई को अबूबशहर नहर में छलांग लगाई थी। उनका शव डबवाली से करीब 576 किलोमीटर दूर बरामद हुआ है। विनोद ग्रोवर के लापता होने के बाद से उनके भाई सुभाष ग्रोवर और साले पुरुषोत्तम ग्रोवर के नेतृत्व में परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। वे विभिन्न नहर हेडों पर नजर रखे हुए थे। इसी दौरान उन्हें सुराग मिला, जिसके बाद परिजन जैसलमेर के नाचना हेड पहुंचे और नहर में एक शव बहता हुआ देखा। कर्मचारियों ने किया शव रोकने से मना परिजनों ने आरोप लगाया कि नाचना हेड पर तैनात कर्मचारियों ने शव को रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने करीब 15 किलोमीटर तक शव का पीछा किया और स्वयं उसे नहर में रोका। उन्होंने तुरंत डबवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। डबवाली पुलिस को सूचना मिलने पर टीम राजस्थान पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे शव को डबवाली लाया गया। शव को डबवाली के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला बता दें कि, पांच दिन पहले डबवाली के वार्ड नंबर 8 निवासी कारोबारी विनोद ग्रोवर ने अबूबशहर, राजस्थान कैनाल नहर में छलांग लगा दी। यह घटना उनके बेटे की 24 मई को होने वाली शादी से ठीक पहले हुई है। बताया जा रहा है कि घर में एक युवती को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार की दोपहर करीब 12 बजे वह बस से अबूबशहर नहर की पटरी पर पहुंचे। कालातीतर के पास उन्होंने फतेहाबाद में रहने वाले अपने भांजे को फोन किया और कहा, “मैं अपने भाई के पास जा रहा हूँ।” इसके बाद उन्होंने अपने जूते, चप्पल, मोबाइल फोन और जेब में रखे पैसे नहर किनारे छोड़कर नहर में छलांग लगा दी। भांजे ने तत्काल परिजनों को इसकी सूचना दी। परिवार में युवती को लेकर विवाद सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से विनोद ग्रोवर के घर में चंडीगढ़ से आई एक युवती को लेकर विवाद चल रहा था। बताया गया है कि युवती अपने साथ पुलिस भी लाई थी और यह मामला विनोद ग्रोवर के बेटे से संबंधित था। बेटे की शादी 24 मई को बेगू में अपनी ही रिश्तेदारी में तय थी और तैयारियां चल रही थीं। चंडीगढ़ की युवती के आने के बाद से परिवार में तनाव बढ़ गया था। जनप्रतिनिधि से भी की थी मुलाकात, सुलझाने का था प्रयास विनोद ग्रोवर इस मामले को लेकर काफी तनाव में थे। वह इस विवाद को शांति से सुलझाने के लिए पिछले तीन दिनों से लगातार शहर के एक जनप्रतिनिधि के संपर्क में थे। रविवार सुबह भी वे इस मामले को लेकर उक्त जनप्रतिनिधि के पास गए थे, जहां पारिवारिक स्तर पर बैठकर बात सुलझाने का आश्वासन भी मिला था। लेकिन शायद मानसिक तनाव इस कदर बढ़ चुका था कि उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
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